UP Police की ‘दंगल’ बहनें: कुश्ती में जीत रहीं मेडल, पिता ने पूरा किया सपना
उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात प्रियांशी और नुपुर प्रजापत की कहानी किसी प्रेरणा से कम नहीं है। मध्य प्रदेश के उज्जैन से आकर इन दोनों बहनों ने न सिर्फ यूपी पुलिस में अपनी जगह बनाई, बल्कि कुश्ती के अखाड़े में भी बड़े-बड़े पहलवानों को चुनौती दे रही हैं। प्रियांशी ने हाल ही में वियतनाम में हुई अंडर-23 एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है। उनकी बड़ी बहन नुपुर भी नेशनल चैंपियनशिप में कई मेडल जीत चुकी हैं।
पहलवान पिता का सपना
इन दोनों बहनों के पिता मुकेश प्रजापत खुद एक पहलवान थे, लेकिन पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उनका सपना अधूरा रह गया। उन्होंने अपनी बेटियों के माध्यम से उस सपने को पूरा करने का फैसला किया। प्रियांशीर्ष पहलवानों की तरह, प्रियांशीर्ष पहलवानों की तरह, उन्होंने अपनी बेटियों को बचपन से ही कुश्ती का प्रशिक्षण देना शुरू किया। प्रियांशी बताती हैं कि उनकी सबसे बड़ी बहन ने कुछ समय तक जूडो खेला, लेकिन बाद में नुपुर और उन्होंने पिता से प्रशिक्षण लेना शुरू किया।
संघर्ष और सफलता
शुरुआती दिनों में, पिता मुकेश प्रजापत दोनों बहनों को सुबह 5 बजे उठाकर माधव गोशाला अखाड़ा ले जाते थे। 12 साल की उम्र में, उन्होंने लड़कों के साथ कुश्ती लड़ी और जीतीं। 2017 में, दोनों बहनों ने मध्य प्रदेश स्टेट एकेडमी में जगह बनाई और फिर उनकी जीत का सिलसिला शुरू हो गया। 2019 में स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया में उन्होंने गोल्ड और ब्रांज मेडल जीते। 2022 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप बुल्गारिया में ब्रांज मेडल हासिल किया।
यूपी पुलिस में भर्ती और आगे का सफर
नुपुर के अनुसार, मध्य प्रदेश पुलिस में स्पोर्ट्स कोटा नहीं था, इसलिए 2023 में जब उत्तर प्रदेश पुलिस में महिला कांस्टेबल की भर्ती निकली, तो दोनों बहनों ने स्पोर्ट्स कोटे से आवेदन किया और सफल रहीं। गाजियाबाद में ट्रेनिंग के बाद उन्हें आगरा में पोस्टिंग मिली। अब वे यूपी पुलिस टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए नेशनल चैंपियनशिप की तैयारी कर रही हैं। प्रियांशी ने मार्च 2025 में सीनियर फेडरेशन कप में गोल्ड मेडल जीता। नुपुर भी कंधे की चोट से उबरकर फिर से अखाड़े में उतरने की तैयारी कर रही हैं।
