बरेली सिटी मजिस्ट्रेट के इस्तीफे पर UP politics news, विपक्ष ने BJP सरकार पर साधा निशाना
उत्तर प्रदेश में बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे ने राज्य की राजनीति में नया मोड़ ला दिया है। विपक्षी दल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने इस घटना को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। दोनों दलों ने आरोप लगाया है कि यह घटना प्रदेश में प्रशासनिक दबाव और संवैधानिक मूल्यों की उपेक्षा का गंभीर संकेत है। अधिकारी ने गणतंत्र दिवस के मौके पर इस्तीफा दिया, जिससे यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है।
पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने अपने इस्तीफे में सरकारी नीतियों पर असंतोष व्यक्त किया है। उन्होंने विशेष रूप से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े एक मामले का जिक्र किया है। अग्निहोत्री ने राज्यपाल और बरेली के जिलाधिकारी को ईमेल के माध्यम से अपना इस्तीफा भेजा। यह घटना प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने इस इस्तीफे को ‘बेहद गंभीर संकेत’ बताया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा कि शंकराचार्य और उनके शिष्यों पर लाठीचार्ज के साथ-साथ प्रशासनिक दबाव यह दर्शाता है कि भाजपा सरकार में संविधान, आस्था और अभिव्यक्ति तीनों असुरक्षित हैं। राय ने मांग की कि सच्चाई सामने आनी चाहिए और प्रदेश को डर से नहीं, बल्कि संविधान से चलाया जाना चाहिए।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रवीण सिंह ऐरन ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि एक वरिष्ठ पीसीएस अधिकारी के इस्तीफे की परिस्थितियां इस ओर ध्यान दिलाती हैं कि यह मुद्दा किसी जाति या धर्म का नहीं, बल्कि प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमा और संविधान का है। ऐरन ने जोर दिया कि राजधर्म और संवैधानिक मर्यादाओं का पालन ही शासन की असली ताकत है, और यह लोकतंत्र की आत्मा का सवाल है।
