शंकराचार्य के अपमान और UGC नियम के खिलाफ UP PCS officer का इस्तीफा
उत्तर प्रदेश के बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने सोमवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने इस्तीफे के पीछे दो प्रमुख कारण बताए हैं: पहला, जिनमें प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बटुक शिष्यों के साथ कथित दुर्व्यवहार और केंद्र सरकार के नए UGC नियमों का विरोध शामिल है।
अग्निहोत्री ने आरोप लगाया कि माघ मेले के दौरान शंकराचार्य के बटुक शिष्यों को चोटी पकड़कर घसीटा गया, जिसे उन्होंने सनातन परंपरा और ब्राह्मण समाज के आत्मसम्मान पर सीधा हमला बताया। उनका कहना था कि एक ब्राह्मण अधिकारी होने के नाते यह उनके लिए भी अपमानजनक है और इस घटना के बाद भी दोषी अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इस्तीफे का दूसरा कारण केंद्र सरकार द्वारा 13 जनवरी को प्रकाशित UGC रेगुलेशन को बताया गया है। अग्निहोत्री के अनुसार, इन नियमों में सामान्य वर्ग को अपराधी मानते हुए वर्ग विशेष के लिए प्रावधान किए गए हैं, जिससे सामान्य वर्ग, विशेषकर ब्राह्मण समाज में रोष है। उन्होंने आशंका जताई कि ये नियम भविष्य में देश में आंतरिक संकट और फर्जी शिकायतों को बढ़ा सकते हैं।
इस्तीफा देने से पहले, अलंकार अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया पर एक आक्रामक पोस्ट भी साझा की थी, जिसमें उन्होंने UGC के फैसले का विरोध करते हुए “काला कानून वापस लो” और “बॉयकॉट बीजेपी” जैसे नारे लगाए थे। एक कार्यरत अधिकारी द्वारा सरकार के खिलाफ इस तरह का खुला मोर्चा खोलना और इस्तीफा देना एक दुर्लभ घटना मानी जा रही है, जिसने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
