UP में आपदा प्रबंधन को नया रूप: सभी जिलों में गठित होंगी आपदा प्रबंधन समितियाँ
उत्तर प्रदेश में आपदा प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने एक महत्वपूर्ण योजना शुरू की है। इस योजना के तहत, राज्य के सभी जिलों में आपदा से निपटने के लिए समितियों का गठन किया जाएगा। यह कदम संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के माध्यम से आपदा जोखिम प्रबंधन सुदृढ़ीकरण योजना के तहत उठाया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत आपदा से संबंधित 15 विभागों के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इस कार्ययोजना को तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य आपदाओं के दौरान जीवन और संपत्ति के नुकसान को कम करना है।
इस योजना की प्रगति की समीक्षा के लिए हाल ही में राजस्व विभाग के कार्यालय में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर याशोद ने योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पहले चरण के लिए चिन्हित 20 शहरों में जल्द से जल्द आपदा प्रबंधन समितियों का गठन किया जाए। राहत आयुक्त ने यह भी कहा कि राज्य की आपदा प्रबंधन आवश्यकताओं के अनुरूप योजना को और अधिक मजबूत बनाया जाए।
इस योजना के तहत, राहत आयुक्त कार्यालय में एक योजना प्रबंधन केंद्र भी स्थापित किया जाएगा। इस संबंध में राहत आयुक्त कार्यालय और यूएनडीपी के बीच पहले ही एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।
आपदा प्रबंधन योजना एक व्यापक रणनीति है जिसमें आपदाओं को रोकने, कम करने, उनसे निपटने और पुनर्प्राप्त करने के लिए विभिन्न चरण शामिल हैं। यह सरकार, एजेंसियों और समुदायों की भूमिकाओं को स्पष्ट करती है, जिसमें प्रारंभिक चेतावनी, निकासी, बचाव, स्वास्थ्य सेवाएं और पुनर्वास जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य शामिल होते हैं। यह योजना राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तरों पर लागू की जाती है। इस पहल से प्रदेश में आपदा प्रबंधन तंत्र को नया रूप मिलने की उम्मीद है, जिससे आपदाओं के दौरान जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकेगा।
