UP High Court ने गर्ल्स स्कूलों के बाहर छात्राओं के साथ छेड़छाड़ पर लिया संज्ञान, सरकार से मांगा जवाब
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने राजधानी के गर्ल्स स्कूलों के आसपास कानून व्यवस्था की समस्या पर स्वतः संज्ञान लिया है। न्यायालय ने कहा कि हमें जानकारी मिली है कि कुछ गर्ल्स स्कूलों के खुलने और बंद होने के समय जब छात्राएं स्कूल कैंपस के बाहर होती हैं, तो कानून व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो रही है। कोर्ट ने विशेष रूप से एपी सेन गर्ल्स पीजी कॉलेज, स्टेशन रोड, चारबाग का जिक्र करते हुए कहा कि इस स्कूल की लड़कियों को तंग करने की भी घटनाएं सामने आई हैं।
न्यायालय ने राज्य सरकार के अधिवक्ता को इस मामले को देखने और अगली सुनवाई पर पूरी जानकारी कोर्ट को देने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की खंडपीठ ने गोमती रिवर बैंक रेजीडेंट्स की ओर से वर्ष 2020 में दाखिल की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया है।
ट्रैफिक जाम पर भी हुई सुनवाई
जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने स्कूलों की वजह से होने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात के संबंध में पूर्व में कई आदेश दिए थे। इस बार की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने गर्ल्स स्कूलों की छात्राओं को परेशान किए जाने पर भी चिंता व्यक्त की है। कोर्ट ने डीजीपी ट्रैफिक को भी अगली सुनवाई पर उपस्थित होकर अपने सुझाव देने को कहा है।
स्कूलों के प्रतिनिधियों ने दिए सुझाव
पूर्व के आदेश के अनुपालन में सीएमएस स्टेशन रोड, सीएमएस गोमती नगर एक्सटेंशन, सीएमएस गोमती नगर-1, सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल, ला मार्टिनियर गर्ल्स कॉलेज तथा लोरेटो कॉन्वेंट इंटर कॉलेज के प्रतिनिधि न्यायालय के समक्ष उपस्थित हुए। उन्होंने अपने-अपने विद्यालयों के आसपास यातायात समस्या से निपटने के उपायों पर अपने सुझाव प्रस्तुत किए। कुछ विद्यालयों ने इस संबंध में राज्य सरकार और लखनऊ नगर निगम से सहयोग की भी मांग की। मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी को होगी।
