UP Conversion case: मौलाना देते थे मुस्लिम डॉक्टरों को हिंदू लड़कियों से निकाह का टारगेट, जांच में बड़ा खुलासा
यौन शोषण और धर्मांतरण धर्मांतरण के आरोपी डॉ. रमीज मलिक के मामले में जांच एजेंसियों की तफ्तीश में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में पता चला है कि डॉ. रमीज और धर्मांतरण गिरोह से जुड़े मेडिकल स्टाफ की क्लास मौलाना लेते थे। ये मौलाना केजीएमयू और आगरा के हॉस्टलों में जाकर डॉक्टरों के साथ बैठक करते थे। इन बैठकों में मौलाना डॉक्टरों को दो हिंदू महिलाओं से निकाह करने का संदेश देते थे, जिसे वे शवाब (पुण्य) का काम बताते थे। बताया जा रहा है कि मौलाना ग्रुप से जुड़े हर डॉक्टर को यह टारगेट देते थे।
मौलानाओं से पूछताछ की तैयारी
इन खुलासों के बाद एजेंसियों के साथ ही एलआईयू और पुलिस की जांच में तेजी आ गई है। एजेंसियों के अफसरों ने ग्रुप से जुड़े मुस्लिम डॉक्टरों के आधार पर कई मौलानाओं की जानकारी जुटाई है। अब जल्द ही उनसे पूछताछ करने की तैयारी है। इसके अलावा दोनों मेडिकल कॉलेजों में आने वाले मौलानाओं का ब्योरा भी जुटाया जा रहा है।
काजी की तलाश में तीन राज्यों में छापेमारी
जांच एजेंसियां आगरा की पीड़ित महिला डॉक्टर का पीलीभीत न्योरिया में धर्मांतरण कराकर निकाह कराने वाले काजी जाहिद की तलाश में दबिश दे रही हैं। माना जा रहा है कि जाहिद के मिलने के बाद गिरोह के नेटवर्क के बारे में कई अहम जानकारियां मिलेंगी। उसकी तलाश में टीमें दिल्ली, उत्तराखंड और पश्चिम यूपी समेत अन्य जिलों में छापेमारी कर रही हैं।
केजीएमयू में सुरक्षा बढ़ी
इस संवेदनशील मामले को लेकर हिंदूवादी संगठन आए दिन प्रदर्शन की चेतावनी दे रहे हैं। इसे देखते हुए केजीएमयू में सुरक्षा और बढ़ा दी गई है। पुलिस के साथ ही पीएसी को भी तैनात किया गया है। गेट के बाहर से लेकर अंदर तक कई थानों का पुलिस बल तैनात है।
