जीआरपी के दो सिपाहियों ने टाल दी बड़ी रेल दुर्घटना, चलती ट्रेन के पहियों में लगी आग बुझाकर बचाई सैकड़ों जान
जीआरपी कर्मियों ने अपनी बहादुरी से एक संभावित रेल दुर्घटना को टाल दिया। गुवाहाटी-बाड़मेर एक्सप्रेस में एस्कॉर्ट कर्मी दोनों जीआरपी जवानों ने एसी कोच के नीचे पहिये में लगी आग पर तत्काल काबू पाते हुए यात्रियों की जान बचाई। सूचना पर पहुंची रेलवे की टीम ने पहिये की चेकिंग के बाद ट्रेन को आगे के लिए रवाना कराया।
12 दिसंबर को गाड़ी सं. 15632 गुवाहाटी-बाड़मेर एक्सप्रेस में जीआरपी आगरा फोर्ट के सिपाही विकास सिंह व योगेश कुमार सारस् कुमार सारस्वत एस्कॉर्ट ड्यूटी पर थे। दोनों पर ट्रेन को कानपुर से आगरा फोर्ट स्टेशन तक एस्कॉर्ट करते हुए यात्रियों के जान-माल की सुरक्षा करते हुये ट्रेन को सकुशल व सुरक्षित लाना था। यात्रा के दौरान ट्रेन अछल्दा स्टेशन के आऊटर पर अचानक खड़ी हो गई। दोनों जीआरपी कर्मियों ने ट्रेन के बाहर देखा तो पाया कि कोच बी-1 के यात्री शोर मचाते हुये गाड़ी से उतरकर भाग रहे हैं।
बिना देरी किये दोनों कोच बी-1 के पास पहुंचे, तो देखा कि कोच के पहियों में दोनों ओर नीचे की तरफ आग लगी हुई है। सिपाही विकास सिंह ने तत्परता दिखाते हुये कोच में लगे अग्निरोधक सिलेंडर से पहियों में लगी आग को बुझाया गया और उसी समय घटना से जीआरपी कंट्रोल रूम को सूचित किया। जानकारी मिलते ही रेलवे की टीम भी मौके पर पहुंच गई। पूरी पड़ताल के बाद ट्रेन को आगे रवाना किया गया। एसपी रेलवे अनिल कुमार झा ने सोमवार को दोनों जीआरपी कर्मियों का उत्साहवर्धन करते हुए प्रशस्ति पत्र प्रदान करते हुए पांच हजार रुपये की धनराशि से पुरस्कृत किया।
