शिक्षकों के तबादले फंसे, RTE नियमों के उल्लंघन से पढ़ाई प्रभावित: UP Education News
उत्तर प्रदेश के परिषदीय और राजकीय माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों के तबादले का सत्र जून में समाप्त हो चुका है, लेकिन नियमों के सही ढंग से लागू न होने के कारण यह प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है। मामला कोर्ट में जाने से शिक्षकों की दौड़-भाग बढ़ गई है, जिसका सीधा असर स्कूलों में पढ़ाई पर पड़ रहा है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग ने राजकीय माध्यमिक स्कूलों के 271 सरप्लस और विशेष परिस्थितियों वाले शिक्षकों के स्थानांतरण किए थे। हालांकि, सरप्लस शिक्षकों की सूची बनाने में हुई चूक के कारण अब कक्षा छह से आठ तक के शिक्षकों की आरटीई नियमों के अनुसार नए सिरे से सूची तैयार की जा रही है। इस वजह से शिक्षकों का तबादला अटक गया है।
इसी तरह, बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय स्कूलों में दिव्यांग, दंपत्ति और गंभीर रोगी शिक्षकों के स्थानांतरण व समायोजन में भी आदेशों में बदलाव और प्रक्रिया को ठीक से पूरा न करने के कारण कानूनी अड़चनें आ गई हैं। उप्र बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने बताया कि शिक्षकों का स्थानांतरण नियमों के फेर में उलझ गया है। शिक्षक लगातार भागदौड़ करने को मजबूर हैं, जिससे उनके अवकाश पर जाने की स्थिति बन रही है और इसका सीधा असर शिक्षण कार्य पर पड़ रहा है।
