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“title”: “भागलपुर रेलवे स्टेशन का होगा कायाकल्प, ₹25 करोड़ से बढ़ेगी यात्री सुविधा”,

By Oct 31, 2025

“subtitle”: “प्लेटफॉर्म विस्तार, लाइनों का सीधा होना, आधुनिक सिग्नलिंग से मिलेगी बेहतर सुविधा”,

“summary”: “भागलपुर रेलवे स्टेशन को बड़े पैमाने पर अपग्रेड करने के लिए ₹25 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। इस धनराशि से प्लेटफॉर्म संख्या 2, 3, 4 और 6 का विस्तार किया जाएगा, जिससे वे लंबी ट्रेनों को पूरी तरह से समायोजित कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, घुमावदार लाइनों को सीधा किया जाएगा, जिससे ट्रेनों की गति बढ़ेगी और परिचालन दक्षता में सुधार होगा। यह परियोजना यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को प्राथमिकता देते हुए स्टेशन की पूरी सूरत बदल देगी।”,

“content”: “भागलपुर रेलवे स्टेशन के यात्रियों के लिए खुशखबरी है। रेलवे बोर्ड ने स्टेशन के कायाकल्प और यात्री सुविधाओं में वृद्धि के लिए 25 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना को मंजूरी दे दी है। इस धनराशि से स्टेशन के प्लेटफॉर्मों का विस्तार, रेल लाइनों का आधुनिकीकरण और सिग्नलिंग व्यवस्था में सुधार किया जाएगा, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।nnपरियोजना के तहत, प्लेटफॉर्म संख्या 2, 3, 4 और 6 का विस्तारीकरण किया जाएगा। वर्तमान में, प्लेटफॉर्म संख्या 2 और 3 छोटे होने के कारण 22 या 24 कोच वाली लंबी ट्रेनें पूरी तरह से प्लेटफॉर्म पर नहीं आ पाती हैं, जिससे ट्रेन की पांच-छह बोगियां बाहर ही रह जाती हैं। यात्रियों, विशेषकर महिलाओं और वृद्धों को ट्रेन में चढ़ने-उतरने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार ट्रैक पर उतरने के दौरान दुर्घटनाएं भी हुई हैं, जैसा कि हाल ही में फरक्का एक्सप्रेस में हुआ था। इस समस्या को दूर करने के लिए प्लेटफॉर्म 2 और 3 की लंबाई सात मीटर तक बढ़ाई जाएगी, जिससे वे 24 कोच वाली ट्रेनों को आसानी से समायोजित कर सकेंगे। प्लेटफॉर्म 4 की लंबाई भी करीब 10 मीटर बढ़ाकर 23 कोच के लिए तैयार किया जाएगा।nnइसके साथ ही, कर्व लाइन नंबर एक और दो को सीधा किया जाएगा। दोनों रेल लाइनों से जुड़े प्वाइंट्स को हटाकर इन्हें सीधे सिकलाइन से जोड़ा जाएगा। लाइन नंबर दो को मुख्य लाइन में बदला जाएगा, जिससे हावड़ा और मालदा की ओर से आने वाली ट्रेनें सीधे इस लाइन पर आ सकेंगी और प्वाइंट बदलने की झंझट खत्म हो जाएगी। इस बदलाव से प्लेटफॉर्म नंबर दो और तीन पर ट्रेनों की गति मौजूदा 30 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़कर 100-110 किलोमीटर प्रति घंटे हो जाएगी, जिससे ट्रेनों के संचालन में लगने वाला समय कम होगा।nnआधुनिकीकरण की इस कड़ी में, स्टेशन की सिग्नलिंग व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव आएगा। पूर्वी और पश्चिमी पैनल को खत्म कर दिया जाएगा और इसकी जगह ईस्ट पैनल के पास रूट रिले इंटरलॉकिंग (RRI) प्रणाली काम करेगी। इसका अर्थ है कि सिग्नलिंग सहित ट्रेन संचालन से संबंधित सभी कार्य एक ही जगह से नियंत्रित होंगे, जिससे परिचालन दक्षता और सुरक्षा बढ़ेगी। कोचिंग यार्ड का भी आधुनिकीकरण किया जाएगा और पीडब्ल्यूआई कार्यालय के पास एक नया कोचिंग यार्ड बनेगा। इन सभी योजनाओं को कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) से भी स्वीकृति मिल चुकी है।nnइस परियोजना से न केवल यात्रियों को ट्रैक पर उतरने की मजबूरी से निजात मिलेगी, बल्कि रेलवे कर्मियों को भी 22 या 24 कोच वाली ट्रेनों के लिए प्लेटफॉर्म खाली होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। निविदा प्रक्रिया चल रही है और राशि आवंटित की जा चुकी है, जिससे यह उम्मीद है कि जल्द ही भाग

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