15 दिन में UP का माहौल बदलने वाला है, कमर कस लो: आगरा रैली में चंद्रशेखर आजाद ने UP Politics News पर दिया बड़ा बयान
आजाद समाज पार्टी के संस्थापक और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने आगरा में ‘संवैधानिक अधिकार बचाओ-भाईचारा बनाओ’ रैली को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़े बदलाव का दावा किया है। उन्होंने कहा कि आने वाले 15 दिनों में यूपी का माहौल बदलने वाला है, इसलिए सभी को कमर कस लेनी चाहिए। चंद्रशेखर ने कमजोरों की एकता पर जोर देते हुए कहा कि यह सरकार को उखाड़ फेंकने की ताकत रखती है।
आगरा के जीआईसी मैदान में आयोजित इस रैली में चंद्रशेखर ने रामलीला मैदान में अनुमति न मिलने पर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार हमसे जगह छीन सकती है, लेकिन लोगों के दिलों से नहीं निकाल सकती। उन्होंने रैली में उमड़ी भारी भीड़ को ‘नीला समंदर’ बताते हुए कहा कि यह पहला आंदोलन है जिसमें सभी जाति और धर्म के नेता एक मंच पर हैं। उन्होंने 2018 के आंदोलन को याद करते हुए कहा कि उस समय बलिदान देने वाले या जेल जाने वाले साथियों को भुलाया नहीं जा सकता।
सांसद ने 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए अपना एजेंडा पेश करते हुए कहा कि सत्ता परिवर्तन होते ही शाम तक झूठे मुकदमे वापस लिए जाएंगे और लाठी खाने वालों का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि अगर यह चेतना सत्ता की ओर मुड़ गई तो वह दिन दूर नहीं जब लखनऊ के कालीदास मार्ग पर एक अंबेडकरवादी और संविधानवादी मुख्यमंत्री बैठेगा। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार का वादा करते हुए कहा कि सरकार में आने पर इलाज के अभाव में किसी की जान नहीं जाने दी जाएगी और हजार रुपये में पूरा इलाज उपलब्ध कराया जाएगा।
चंद्रशेखर ने कानून-व्यवस्था पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अगर कोई अपराधी बहन-बेटियों पर बुरी नजर डालेगा तो उसे सख्त सजा मिलेगी। उन्होंने महंगाई, गिरते रुपये और बढ़ती बेरोजगारी पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आगरा के जूता उद्योग में जीएसटी और छापेमारी के नाम पर हो रहे उत्पीड़न का मुद्दा उठाया और सत्ता बदलने पर एक-एक पैसे का हिसाब लेने की चेतावनी दी।
उन्होंने सरकार पर धर्म की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए प्रयागराज में शंकराचार्यों के साथ हुए व्यवहार का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि सत्ता जब तानाशाह हो जाती है तो पहले उसी का उत्पीड़न करती है जिसने उसे सत्ता में बैठाया। रैली के दौरान करीब पंद्रह से बीस हजार की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे आयोजन स्थल पर अव्यवस्थाएं फैल गईं। उत्साहित समर्थकों ने बेरिकेडिंग तोड़ दी और कई कुर्सियां क्षतिग्रस्त हो गईं। स्थिति बिगड़ती देख चंद्रशेखर ने मंच से लोगों से संयम बरतने की अपील की।
