तस्लीमा नसरीन का सवाल: क्या भारत का वामपंथ कट्टरवाद में अंधा है? | India Politics News
बांग्लादेश की निर्वासित लेखिका तस्लीमा नसरीन ने भारतीय वामपंथी दलों की धर्मनिरपेक्षता और उदारता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत का वामपंथ कट्टरवाद के प्रति अंधा हो गया है। नसरीन ने विशेष रूप से बांग्लादेश में हिंदुओं के उत्पीड़न के दौरान वामपंथ की कथित चुप्पी पर प्रकाश डाला।
तस्लीमा नसरीन ने फेसबुक पर लिखा कि कुछ मतांध लोग उनके खिलाफ जहर उगल रहे हैं, यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि वामपंथी संगठन बांग्लादेश में जिहादियों के खिलाफ बहुत सक्रिय हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह सच है? उन्होंने याद दिलाया कि जब बांग्लादेश में इस्लामी कट्टरपंथियों ने हिंदुओं का उत्पीड़न किया और उन्हें देश छोड़ने पर मजबूर किया, तब वामपंथी दल चुप क्यों थे।
नसरीन ने यह भी पूछा कि क्या कोलकाता जैसे प्रगतिशील शहर में, जब आतंकियों ने ब्लॉगर्स की हत्या की और स्वतंत्र विचारकों को देश छोड़ने के लिए मजबूर किया, तब कोई विरोध प्रदर्शन हुआ था? उन्होंने बताया कि 2007 में उनकी पुस्तकों के खिलाफ हिंसक विरोध के बाद उन्हें बंगाल छोड़ना पड़ा और तब से वह दिल्ली में सरकारी सुरक्षा में रह रही हैं। इस घटनाक्रम से भारत में राजनीतिक विचारधाराओं पर बहस तेज हो गई है।
