सर्दियों में गीजर चलाने से पहले बरतें ये सावधानियां, एक छोटी सी चूक बन सकती है जानलेवा | lifestyle news
सर्दियों के आते ही घरों में पानी गर्म करने के लिए गीजर का इस्तेमाल शुरू हो जाता है। एयर कंडीशनर की तरह ही गीजर भी एक ऐसा विद्युत उपकरण है, जिसमें जरा सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। हाल के वर्षों में गीजर फटने और करंट लगने से कई दुर्घटनाएं सामने आ चुकी हैं, इसलिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम बेहद जरूरी हैं।
समय पर सर्विसिंग है बेहद जरूरी
अक्सर लोग लंबे समय तक बंद पड़े गीजर को बिना चेक किए ही सीधे चालू कर देते हैं, जो कि खतरनाक हो सकता है। गीजर की समय पर सर्विसिंग कराने से इसके इंटरनल पार्ट्स, पानी की सप्लाई और बिजली के तारों की स्थिति का पता चलता है। यदि कोई तार कटा हुआ है या स्पार्किंग की आशंका है, तो उसे समय रहते बदला जा सकता है। गैस गीजर के मामले में बर्नर की सफाई और गैस लीकेज की जांच करना अनिवार्य है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।
इलेक्ट्रिक और गैस गीजर में अंतर
बाजार में इलेक्ट्रिक और गैस दोनों तरह के गीजर उपलब्ध हैं। इलेक्ट्रिक गीजर में करंट लगने का खतरा रहता है, हालांकि घरों में लगी एमसीबी (MCB) सुरक्षा कवच का काम करती है और फॉल्ट होने पर बिजली सप्लाई काट देती है। वहीं, गैस गीजर से आग लगने का जोखिम या जहरीली गैस बनने का खतरा रहता है, खासकर तब जब बाथरूम में वेंटिलेशन की उचित व्यवस्था न हो।
जनता पर प्रभाव और बचाव
सर्दियों के मौसम में दैनिक जीवन को सुगम बनाने वाले ये उपकरण लापरवाही बरतने पर जानलेवा बन जाते हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि गीजर ऑन करने से पहले उसकी तकनीकी जांच जरूर करवाएं और बाथरूम में पर्याप्त हवा का आवागमन सुनिश्चित करें। थोड़ी सी सतर्कता आपको और आपके परिवार को सुरक्षित रख सकती है।
