हुंडई मोटर ग्रुप का भारत में बड़ा निवेश, छह साल में 1.47 लाख करोड़ रुपये लगाने का ऐलान | india business news
दुनियाभर की ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए भारत अब महज़ गाड़ियों की बिक्री का बाजार नहीं, बल्कि एक प्रमुख वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है। इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए हुंडई मोटर ग्रुप ने भारतीय बाजार में ऐतिहासिक निवेश का रास्ता साफ कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हुंडई मोटर ग्रुप के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन ईइसुन चुंग के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद इस महानिवेश का औपचारिक ऐलान किया गया है। कंपनी के इस कदम से देश की आर्थिकी को गति मिलने के साथ-साथ ऑटोमोबाइल सेक्टर में भारत की स्थिति और अधिक मजबूत होगी।
तय की गई योजना के मुताबिक, यह विशाल राशि उत्पादन क्षमता में विस्तार, अत्याधुनिक तकनीकों के विकास, रिसर्च एंड डेवलपमेंट और मजबूत सप्लायर नेटवर्क तैयार करने पर खर्च की जाएगी। कंपनी का मुख्य जोर स्थानीय स्तर पर पार्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने और भारत को एक ग्लोबल एक्सपोर्ट हब के रूप में स्थापित करने पर है। यहां तैयार होने वाली गाड़ियां न केवल घरेलू बाजार की मांग पूरी करेंगी, बल्कि विदेशों में भी निर्यात की जाएंगी।
अनुसंधान और विकास पर विशेष जोर देते हुए हुंडई लगभग 6,200 करोड़ रुपये सिर्फ आरएंडडी पर खर्च करेगी। इसमें एक अत्याधुनिक व्हीकल टेस्टिंग ट्रैक का निर्माण भी शामिल है, जिससे भारतीय सड़कों की स्थिति के अनुसार गाड़ियों की टेस्टिंग और नई तकनीकों का विकास आसान हो जाएगा। इस पहल से देश के इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक वाहनों और फ्यूचर मोबिलिटी से जुड़े क्षेत्रों में भी नए निवेश की रूपरेखा तैयार की जा रही है। वर्तमान में हुंडई और किआ की भारतीय इकाइयों के पास चेन्नई, पुणे और अनंतपुर में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स हैं, और इस नए निवेश से इन सभी केंद्रों का दायरा और अधिक व्यापक हो जाएगा।
