शहरों का तनाव बढ़ा रहा ब्लड प्रेशर, 30% युवा हाइपरटेंशन के शिकार: India Health News
देश भर में किए गए एक बड़े शोध में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं कि हर तीसरा भारतीय उच्च रक्तचाप यानी हाइपरटेंशन से ग्रस्त है। विशेष रूप से शहरी युवाओं में यह समस्या ग्रामीण आबादी की तुलना में काफी अधिक देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक जीवनशैली का तनाव, अनियमित खान-पान, जंक फूड की लत और बढ़ता मोटापा इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या के प्रमुख कारण हैं।
यह शोध देश के 28 राज्यों और तीन केंद्रशासित प्रदेशों से कुल 41,370 लोगों के सैंपल पर आधारित है। इस अध्ययन के अनुसार, लगभग 29.8% लोगों में हाइपरटेंशन पाया गया। इनमें पुरुषों की दर 33.2% और महिलाओं की 27.2% रही। चिंताजनक बात यह है कि 18 से 30 वर्ष आयु वर्ग के 30% युवा और 31 से 50 वर्ष के 65% लोग इस बीमारी की चपेट में हैं। उत्तर भारत में उच्च रक्तचाप के मामले सबसे अधिक (80.2%) पाए गए।
शोध में यह भी पाया गया कि पुरुषों में हाइपरटेंशन की समस्या महिलाओं की तुलना में अधिक थी। स्टेज वन हाइपरटेंशन 65.9% मामलों में दर्ज किया गया, जिसमें पुरुषों की संख्या अधिक थी। इसके अलावा, 48.4% हाइपरटेंशन रोगियों में शुगर (मधुमेह) की समस्या भी पाई गई।
इस बीच, कड़ाके की सर्दी में हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। कानपुर के एक अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 15 दिनों में हृदय रोगों के कारण 103 लोगों की मौत हुई है। इनमें से लगभग 30% मृतक 32 से 50 वर्ष की आयु वर्ग के थे, जो इस बात का संकेत है कि युवा भी हृदय रोगों से सुरक्षित नहीं हैं।
