उत्तर प्रदेश में राष्ट्रनायकों की प्रतिमाएं स्थापित होंगी, योगदान को मिलेगा नया आयाम
उत्तर प्रदेश सरकार राज्य के महान नायकों, साहित्यकारों और स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान को जीवंत बनाए रखने के लिए उनकी प्रतिमाएं स्थापित करने की पहल कर रही है। संस्कृति विभाग इस परियोजना के तहत प्रदेश भर में विभिन्न महापुरुषों की मूर्तियां लगवाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को उनके योगदान, कृतित्व और देश निर्माण में उनकी भूमिका से अवगत कराना है।
इस पहल के तहत, सूर्यकुंड अयोध्या में भगवान सूर्य नारायण की 6 फीट सैंड स्टोन की मूर्ति, गणेश कुंड अयोध्या में भगवान गणेश की 10 फीट सैंड स्टोन की मूर्ति, और अयोध्या में महर्षि वाल्मिकी की 6 फीट कांस्य मूर्ति स्थापित की जाएगी। इसके अलावा, कासगंज रेलवे पुल के पास शहीद स्थल एटा में बाबू कल्याण सिंह की 12.5 फीट कांस्य मूर्ति, महमूदाबाद सीतापुर में महंत अवैद्यनाथ की 12.5 फीट कांस्य मूर्ति, प्रयागराज में कमला बहुगुणा की 6 फीट कांस्य मूर्ति, और फर्रुखाबाद के जहानगंज रोड क्षत्रिय भवन में महाराणा प्रताप की 12.5 फीट अश्वारोही मूर्ति की स्थापना की जाएगी।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि अवंतीबाई की 12.5 फीट अश्वारोही कांस्य प्रतिमा बांदा में स्थापित की जाएगी। छत्रपति शिवाजी महाराज की 12.5 फीट अश्वारोही कांस्य प्रतिमा तींदवारी रोड बांदा और लखनऊ के चौक चौराहे पर लगाई जाएगी। महाराजा छत्रसाल की प्रतिमा बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के निकट मवई चौराहे पर स्थापित की जा रही है। बाबू कल्याण सिंह की एक और प्रतिमा बुलंदशहर के नरौरा समाधि स्थल पर लगाए जाने का प्रस्ताव विचाराधीन है। यह मूर्तियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देंगी और उनके बलिदानों को स्मरण कराएंगी।
