कानपुर में एक होनहार बीटेक टॉपर छात्र, आनंद कुमार, ने कथित तौर पर सरकारी नौकरी न मिल पाने की हताशा में आत्महत्या कर ली। 2024 में बीटेक में प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले...
कानपुर में एक होनहार बीटेक टॉपर छात्र, आनंद कुमार, ने कथित तौर पर सरकारी नौकरी न मिल पाने की हताशा में आत्महत्या कर ली। 2024 में बीटेक में प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले आनंद को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने एकेटीयू दीक्षांत समारोह में ब्रॉन्ज मेडल से सम्मानित भी किया था। घटना ने परिवार और समाज को गहरा सदमा पहुंचाया है।
मूल रूप से बिहार के बक्सर निवासी आनंद कुमार (23) अपने पिता राजकुमार के साथ कानपुर के गुजैनी में रहते थे। उनके बड़े भाई और बहन प्रिया बक्सर में सरकारी शिक्षक हैं। आनंद सचेंडी में एक निजी कंपनी में नौकरी करते हुए सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था। उसने अपने सुसाइड नोट में लिखा है, ‘सॉरी मम्मी-पापा, आई हेट माई सेल्फ, कुछ नहीं हो पाया मुझसे, 50 बार से भी ज्यादा प्रयास किया’।
यह घटना तब सामने आई जब घर में काम करने वाली महिला ने दरवाजा खटखटाया और कोई जवाब न मिलने पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो आनंद का शव पंखे से लटका मिला। पुलिस को मौके से अंग्रेजी में लिखा सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। गोविंदनगर थाना प्रभारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला प्रतियोगी परीक्षा में सफल न होने पर जान देने का लग रहा है।
आनंद कुमार ने सुसाइड नोट में अपनी निराशा व्यक्त की थी। उसने बताया कि सरकारी नौकरी के लिए 50 से अधिक परीक्षाएं देने के बावजूद सफलता न मिलने से वह अंदर ही अंदर घुट रहा था। यह कदम उठाने से कुछ दिन पहले, उसने अपने पिता के साथ बिहार के बक्सर जाने से भी मना कर दिया था, जहां उसके बड़े भाई के लिए लड़की देखने जाना था।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वे बार-बार यही कह रहे हैं कि आनंद होनहार था और उसकी सरकारी नौकरी लग ही जाती। दो साल पहले बीटेक पास करने वाले आनंद के इस कदम ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। यह घटना युवाओं पर सरकारी नौकरी पाने के बढ़ते दबाव और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों को उजागर करती है।