कानपुर: मस्जिदें सिर्फ इबादत नहीं, शिक्षा और समाजसेवा का केंद्र बनें – आदर्श मस्जिद
कानपुर में जमीयत उलमा की ओर से जामिया महमूदिया अशरफुल उलूम, जाजमऊ में एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत करना, समाजसेवा और शिक्षा के कार्यों को व्यवस्थित करना तथा कार्यकर्ताओं को वैचारिक और व्यावहारिक प्रशिक्षण देना था। शहर अध्यक्ष डॉ. हलीमुल्लाह खां के संरक्षण और प्रदेश महासचिव मौलाना अमीनुल हक अब्दुल्लाह कासिमी की निगरानी में संपन्न हुई इस बैठक में मस्जिदों की भूमिका पर विशेष जोर दिया गया।
आदर्श मस्जिद विषय पर बोलते हुए संयोजक मुफ़्ती मोहम्मद सलमान ने कहा कि मस्जिदों को केवल इबादत का स्थान न मानकर शिक्षा और समाज सेवा के केंद्र के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने सोशल मीडिया के सकारात्मक और रचनात्मक उपयोग के महत्व पर भी प्रकाश डाला और झूठे प्रचार का जवाब देने के तरीके बताए। इस आयोजन ने स्थानीय समुदाय को मस्जिदों को बहुआयामी संस्थानों के रूप में देखने के लिए प्रेरित किया, जो ज्ञान और सेवा के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
