आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप्स को मिलेगा ऑस्ट्रेलिया के इनोवेशन इकोसिस्टम का साथ: global collaboration
आईआईटी कानपुर के तीन डीपटेक स्टार्टअप्स को ऑस्ट्रेलिया के लॉ ट्रोब यूनिवर्सिटी के इनोवेशन इकोसिस्टम से जुड़ने का अवसर मिला है। इस सहयोग का उद्देश्य इन स्टार्टअप्स को वैश्विक मंच प्रदान करना और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के समाधान हेतु प्रभावी अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देना है। हाल ही में, लॉ ट्रोब यूनिवर्सिटी के वरिष्ठ अधिकारियों ने आईआईटी कानपुर का दौरा किया और तीन प्रमुख डीपटेक स्टार्टअप्स के नवाचारों का अवलोकन किया।
इस दौरे के दौरान, वैज्ञानिकों ने स्टार्टअप्स के साथ क्लीनिकल वैलिडेशन और कॉमर्शियलाइजेशन की संभावनाओं पर गहन मंथन किया। आईआईटी कानपुर और लॉ ट्रोब यूनिवर्सिटी के बीच हुए समझौते के तहत, दोनों संस्थान के वैज्ञानिक संयुक्त रूप से अनुसंधान और नवाचार के प्रयासों में लगे रहेंगे। विश्वविद्यालय के प्रो वाइस चांसलर (रिसर्च) प्रो. निक बसले और निदेशक डॉ. सेरासेला टनासेस्कु ने आईआईटी कानपुर के इनोवेशन इकोसिस्टम का जायजा लिया। एसआईआईसी (स्टार्टअप इंक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर) के सीईओ डॉ. आशुतोष अग्निहोत्री ने उन्हें प्रयोगशालाओं में विकसित तकनीकों और स्टार्टअप्स के नवाचारों से अवगत कराया।
ऑस्ट्रेलियाई प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से तीन स्टार्टअप्स – टैनप्रिश डायनामिक्स प्रा. लि., मेनटेवे और इनवोविरॉन इंडस्ट्रीज के विशेषज्ञों के साथ चर्चा की। ये स्टार्टअप मेडटेक, न्यूरोटेक और क्लीनटेक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े हैं। ऑस्ट्रेलियाई वैज्ञानिकों ने इन स्टार्टअप्स को वैश्विक चुनौतियों और अत्याधुनिक तकनीकों से भी परिचित कराया।
टैनप्रिश डायनामिक्स प्रा. लि. एक एआई-आधारित मेडटेक स्टार्टअप है जो सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है। यह तकनीक स्मार्टफोन की मदद से शुरुआती पहचान संभव बनाती है। मेनटेवे ईईजी-आधारित पोर्टेबल ब्रेन मॉनिटरिंग डिवाइस और एआई सॉफ्टवेयर पर काम कर रहा है। वहीं, इनवोविरॉन इंडस्ट्रीज पोल्ट्री उद्योग से निकलने वाले चिकन पंखों का उपयोग करके प्लास्टिक का विकल्प बनने वाली बायोडिग्रेडेबल सामग्री का निर्माण कर रहा है।
