कानपुर मेडिकल कॉलेज: साजिश के खुलासे के लिए अब साइबर सेल से होगी जांच
कानपुर देहात के स्वशासी मेडिकल कॉलेज अकबरपुर में पूर्व प्राचार्य डॉ. हरप्रीत और डॉ. विमल की नोटों की गड्डियों के साथ फोटो वायरल होने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। तीन सदस्यीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट प्राचार्य को सौंप दी है, जिसमें सुनियोजित साजिश की ओर इशारा किया गया है। इस खुलासे के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने मामले की तह तक जाने के लिए शासन स्तर पर साइबर सेल से जांच कराने की कवायद शुरू कर दी है।
यह घटना तब सामने आई जब पूर्व प्राचार्य और एक डॉक्टर की नोटों से भरी गड्डियों के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने ट्रेजरी अफसर और दो डॉक्टरों की एक तीन सदस्यीय समिति गठित कर जांच सौंपी थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट प्राचार्य को सौंप दी है, लेकिन सीसीटीवी के डीबीआर की रिपोर्ट का अभी भी इंतजार है, क्योंकि एक सदस्य के अवकाश पर होने के कारण यह रिपोर्ट मिलने में देरी हो रही है।
सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा हो सकता है। इस निष्कर्ष के चलते, कॉलेज प्रशासन ने शासन को पत्र लिखकर मामले की विस्तृत जांच साइबर सेल से कराने का अनुरोध करने का निर्णय लिया है। प्राचार्य अंबरीश कुमार गुप्ता ने बताया कि समिति की रिपोर्ट प्राप्त हो गई है और सीसीटीवी फुटेज मिलने के बाद इसे शासन को भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि साजिश की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए साइबर सेल जांच का प्रस्ताव भेजा जा रहा है। इस घटना से सार्वजनिक संस्थानों में जवाबदेही और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
