स्मार्ट गन्ना किसान पोर्टल: भू अभिलेखों से मिलान से पारदर्शिता का वादा
उत्तर प्रदेश में गन्ना सर्वेक्षण और सट्टा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। गन्ना विकास विभाग ने ‘स्मार्ट गन्ना किसान पोर्टल’ पर दर्ज गन्ना क्षेत्रफल के आंकड़ों का मिलान भू राजस्व अभिलेखों से करने की प्रक्रिया शुरू की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य फर्जीवाड़े को रोकना और किसानों को पारदर्शी तरीके से गन्ने का सट्टा जारी करना है।
इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। हाल ही में, विभाग ने अयोध्या, देवीपाटन, गोरखपुर और देवरिया परिक्षेत्र के अधिकारियों और कर्मचारियों को वर्चुअल माध्यम से प्रशिक्षित किया। प्रशिक्षण में पोर्टल पर उपलब्ध गन्ना क्षेत्रफल डेटा की भू राजस्व अभिलेखों से मैपिंग और डेटा सत्यापन की प्रक्रिया पर जोर दिया गया, ताकि इसे तय समय सीमा में पूरा किया जा सके।
यह सत्यापन अभियान प्रथम चरण में एक हेक्टेयर से अधिक गन्ना क्षेत्रफल वाले किसानों पर केंद्रित होगा। इससे बड़े क्षेत्रफल के नाम पर की जाने वाली फर्जी एंट्री पर नकेल कसी जा सकेगी। यह कदम न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाएगा बल्कि किसानों के हितों की रक्षा भी करेगा, जिससे उन्हें सही समय पर और सही मूल्य पर अपना गन्ना बेचने में मदद मिलेगी।
