उत्तर प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में लागू होगी एआई नीति, राज्यपाल ने दी जानकारी | up education news
उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में तकनीकी शिक्षा की रूपरेखा को बदलते हुए अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने कानपुर के छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में आयोजित ‘एआई मंथन 2.0’ के समापन सत्र के दौरान यह घोषणा की कि जल्द ही राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में एक नई एआई नीति लागू की जाएगी [up education news]। इस कदम का उद्देश्य शिक्षा, शोध, और शासन प्रणाली में आधुनिक तकनीकी बदलावों को बढ़ावा देना है।
नवीन नीति के क्रियान्वयन और मार्गदर्शन के लिए प्रशासन ने दो प्रमुख समितियों का गठन किया है। इनमें एक ‘एआई पॉलिसी एडवाइजरी कमेटी’ है, जिसमें देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के निदेशक और कुलपति शामिल हैं, तथा दूसरी ‘एआई पॉलिसी इंप्लीमेंटेशन कमेटी’ है जो तकनीकी, चिकित्सा, कृषि और सामान्य विश्वविद्यालयों के बीच समन्वय स्थापित करेगी। इन समितियों का मुख्य कार्य यह सुनिश्चित करना है कि अकादमिक जगत में एआई का उपयोग पारदर्शी और प्रभावी हो।
कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने वैज्ञानिकों और शिक्षाविदों को चेताया कि सुरक्षित एआई का उपयोग आज के समय की सबसे बड़ी चुनौती है। तकनीक का दायरा जितना विस्तृत है, उसके दुरुपयोग की आशंका उतनी ही अधिक बनी रहती है। यह अत्यंत आवश्यक है कि कोई भी छात्र या शिक्षक इसका गलत इस्तेमाल कर समाज को नुकसान न पहुँचाए। इस नीति के लागू होने से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक की समय रहते जानकारी मिलेगी और वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकेंगे। आगामी समय में यह निर्णय प्रदेश के युवाओं के कौशल विकास और तकनीकी दक्षता में मील का पत्थर साबित होगा।
