आगरा में अटलपुरम के सुपर एचआईजी भूखंडों पर सन्नाटा, छोटे प्लॉटों की बढ़ी मांग
आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) द्वारा मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण योजना के तहत विकसित की जा रही अटलपुरम टाउनशिप में बड़े आवासीय भूखंडों को खरीदार नहीं मिल पा रहे हैं। योजना के तहत सात सेक्टरों में आवासीय भूखंडों की लॉटरी निकाली जा चुकी है। छोटे भूखंडों को तो लोगों ने हाथों-हाथ लिया, लेकिन सुपर एचआईजी श्रेणी के भूखंडों पर खरीदारों की रुचि कम दिखी।
एडीए ने ग्वालियर रोड पर ककुआ और भांडई में अटलपुरम टाउनशिप विकसित की है, जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच अगस्त को किया था। आठ अगस्त से पहले सेक्टर के 322 आवासीय भूखंडों की बुकिंग शुरू हुई, जिनकी लॉटरी 29 व 30 सितंबर को निकाली गई। इसी तरह, सेक्टर दो व तीन के 374 भूखंडों की बुकिंग 29 सितंबर से शुरू होकर दो दिसंबर को लॉटरी निकाली गई। सेक्टर चार, पांच, छह व सात के 518 भूखंडों की बुकिंग 21 नवंबर से शुरू हुई और इनकी लॉटरी 16 जनवरी को हुई।
कुल मिलाकर, एडीए ने टाउनशिप में दो बार सुपर एचआईजी के 230 भूखंड पेश किए, लेकिन केवल 64 का ही आवंटन हो सका। इसके परिणामस्वरूप, 166 सुपर एचआईजी भूखंड बिना बिके रह गए हैं। इन भूखंडों का आकार 300 से 600 वर्ग मीटर तक है, जो संभवतः बड़े आकार के कारण लोगों की अपेक्षाओं से मेल नहीं खा रहा है। इस स्थिति का सीधा असर शहर के रियल एस्टेट बाजार पर पड़ सकता है, क्योंकि बड़े भूखंडों की मांग कम होने से विकास परियोजनाओं की गति धीमी हो सकती है।
