आगरा पुलिस में एक महिला इंस्पेक्टर, शैली राणा, एक पुरानी इंस्टाग्राम रील के वायरल होने के कारण मुसीबत में पड़ गई हैं। मारपीट की एक घटना के 16 महीने बाद उन्हें संवेदनशील मंटोला थाने का...
आगरा पुलिस में एक महिला इंस्पेक्टर, शैली राणा, एक पुरानी इंस्टाग्राम रील के वायरल होने के कारण मुसीबत में पड़ गई हैं। मारपीट की एक घटना के 16 महीने बाद उन्हें संवेदनशील मंटोला थाने का प्रभारी बनाया गया था, लेकिन साजिश के तहत उनकी पुरानी रील्स को फिर से वायरल कर दिया गया। इस विवाद के कारण इंस्पेक्टर शैली राणा 15 दिन की छुट्टी पर चली गई हैं और अवसाद में हैं। अगस्त 2024 में हुई मारपीट के मामले में अभी तक चार्जशीट दाखिल नहीं हुई थी, जिसे पुलिस आयुक्त ने संज्ञान में लेते हुए जल्द चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश दिया है। प्रारंभिक जांच में एक दारोगा और एक सिपाही को मारपीट की साजिश में शामिल पाया गया है और उन्हें आरोपित बनाया जा रहा है।
तीन अगस्त 2024 को तत्कालीन इंस्पेक्टर रकाबगंज, शैली राणा, के साथ उनके सरकारी आवास के बाहर मारपीट हुई थी। इस घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। मारपीट मेरठ से आई गीता नागर, उनकी भाभी सोनिका, भाई ज्वाला सिंह, भतीजे दिग्विजय सिंह और अधिराज आदि ने की थी। गीता नागर के पति पवन कुमार उस समय इंस्पेक्टर शैली राणा के घर मौजूद थे और दोनों के बीच पुरानी पहचान थी। रकाबगंज थाने के पुलिसकर्मियों ने फोन कर गीता नागर को घटना की जानकारी दी थी। मारपीट करने वालों ने ही मारपीट के वीडियो वायरल किए थे। इसी दौरान, शैली राणा की इंस्टाग्राम आईडी पर अपलोड की गई कुछ पुरानी रील्स भी वायरल हुईं।
इंस्पेक्टर शैली राणा ने इस घटना के संबंध में जानलेवा हमला, बलवा, गाली-गलौज और मारपीट जैसी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि गला दबाकर उनकी हत्या का प्रयास किया गया था। मारपीट के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों द्वारा तमाशा देखने का भी आरोप है। तत्कालीन पुलिस आयुक्त ने प्रारंभिक जांच के बाद दो मुख्य आरक्षियों को निलंबित कर दिया था और दो दारोगाओं सहित छह पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया था।
इस पूरे प्रकरण में शैली राणा पीड़िता थीं। उन्हें मिशन शक्ति में तैनाती दी गई थी, जहाँ अच्छा काम करने पर उन्हें दोबारा थाने का प्रभार मिला। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने 13 जनवरी को शैली राणा को इंस्पेक्टर मंटोला नियुक्त किया था। इसके ठीक अगले दिन, 14 जनवरी को, साजिश के तहत उनकी पुरानी इंस्टाग्राम रील्स को वायरल कर यह सवाल उठाया गया कि वह थाना कैसे चला सकती हैं। ये रील्स लखनऊ तक वायरल हो गईं। इस घटना की जानकारी मिलते ही इंस्पेक्टर शैली राणा अवसाद में आ गईं और उन्होंने लंबी छुट्टी का प्रार्थना पत्र देकर अपनी रवानगी करा ली। उनके छुट्टी पर जाने के बाद, पुलिस आयुक्त ने इंस्पेक्टर सुरेश चंद को प्रभारी निरीक्षक मंटोला का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है।
इंस्पेक्टर शैली राणा ने अगस्त 2024 में दर्ज कराए गए मुकदमे में अपने बयान में दारोगा सुनील लांबा और आरक्षी विशाल यादव के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि इन दोनों पुलिसकर्मियों ने पवन कुमार के परिजनों को आगरा बुलाया और कुछ मीडिया कर्मियों से संपर्क कराया। हमलावर अपने साथ मीडिया कर्मी भी लेकर आए थे, जिन्होंने मारपीट का वीडियो बनाया और उसे वायरल कर उनका चरित्रहनन किया। पुलिस की जांच में भी इन दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ साक्ष्य मिले हैं। सूत्रों के अनुसार, इस मामले में आरोपित पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच चल रही है, जिसकी जांच अधिकारी एडीसीपी पूनम सिरोही हैं। जांच में दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, दूसरी ओर, मुकदमे में जल्द चार्जशीट दाखिल होनी है और दोनों पुलिसकर्मियों के नाम इसमें शामिल किए जा रहे हैं।
इंस्पेक्टर शैली राणा ने पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि इंस्टाग्राम पर उनकी छह साल पुरानी चार रील्स थीं और उनका अकाउंट प्राइवेट था, जिसे हर कोई नहीं देख सकता था। उन्होंने आरोप लगाया कि रील्स को पहले भी साजिश के तहत वायरल किया गया था और 16 महीने बाद चार्ज मिलने पर दोबारा साजिश रची गई। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह इस पूरे प्रकरण में पीड़िता हैं और उन्हें आरोपित बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उनके साथ मारपीट हुई थी, लेकिन आरोपियों को अभी तक कोई सजा नहीं मिली है और सभी पकड़े भी नहीं गए हैं, साथ ही चार्जशीट भी दाखिल नहीं हुई है।