पाकिस्तान की सैन्य रणनीति पर शशि थरूर की चेतावनी: भारत को ‘Pakistan threat’ को हल्के में नहीं लेना चाहिए
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भारत को पाकिस्तान की सैन्य रणनीति में हो रहे बदलावों को गंभीरता से लेने की चेतावनी दी है। थरूर ने कहा कि पाकिस्तान अब हाइपरसोनिक मिसाइल तकनीक पर ध्यान केंद्रित कर रहा है और उसकी नई सैन्य नीति ‘असममित प्रतिरोध’ (asymmetric deterrence) पर आधारित है, जिसे भारत हल्के में नहीं ले सकता। उन्होंने कहा कि भारत को अतीत के अनुभवों से सीख लेते हुए पूरी तरह तैयार रहना चाहिए।
थरूर ने पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति पर भी प्रकाश डाला, जहां नागरिक सरकार पर सेना का वर्चस्व है। उन्होंने पाकिस्तान को ‘बहुत समस्याग्रस्त राज्य’ बताया, जहां सेना का एजेंडा नीतिगत फैसलों पर हावी रहता है। थरूर ने पाकिस्तान की आर्थिक कमजोरी को भी एक महत्वपूर्ण कारक बताया। उन्होंने कहा कि आर्थिक अस्थिरता अक्सर सैन्य दुस्साहस को जन्म देती है, और पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था भारत की तुलना में काफी कमजोर है।
थरूर ने क्षेत्रीय भू-राजनीति में हो रहे बदलावों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में बढ़ती अस्थिरता और भारत विरोधी भावना भारत के लिए चिंता का विषय है। थरूर ने चेतावनी दी कि यदि बांग्लादेश में अस्थिरता बढ़ती है, तो यह भारत के लिए ‘सॉफ्ट अंडरबेली’ (सुरक्षा की दृष्टि से कमजोर हिस्सा) बन सकता है। उन्होंने कहा कि वैश्विक भू-राजनीतिक प्लेटें बदल रही हैं, और भारत को इन चुनौतियों का प्रबंधन करना सीखना होगा।
