सरदार पटेल पीएम बनते तो भारत आज आत्मनिर्भर होता: सतीश उपाध्याय का बड़ा दावा
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती समारोह अभियान के राष्ट्रीय सह संयोजक सतीश उपाध्याय ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि आजादी के बाद कांग्रेस शासनकाल में सरदार पटेल के अमूल्य योगदान को योजनाबद्ध तरीके से उपेक्षित किया गया। उपाध्याय ने कहा कि पटेल भारत की एकता, अखंडता और प्रशासनिक आधारशिला के सबसे प्रमुख निर्माताओं में से एक थे, लेकिन कांग्रेस ने उनके महत्व को स्वीकार नहीं किया।
पार्टी मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उपाध्याय ने कांग्रेस की नीयत पर सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि आजादी के बाद प्रधानमंत्री के चयन के लिए हुए गुप्त मतदान में सरदार पटेल के पक्ष में 14 वोट पड़े थे, जबकि जवाहर लाल नेहरू को केवल एक वोट मिला था। इसके बावजूद, नेहरू को प्रधानमंत्री बनाया गया, जो कांग्रेस की नेतृत्व चयन प्रक्रिया और उसकी मंशा पर गहरा प्रश्नचिन्ह लगाता है।
सतीश उपाध्याय ने कहा, “यदि सरदार पटेल उस समय प्रधानमंत्री बने होते, तो आज भारत की तस्वीर कुछ और होती। देश आत्मनिर्भरता और विकास की राह पर कहीं आगे बढ़ चुका होता।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस को सरदार पटेल के नाम पर बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है, क्योंकि उन्होंने उनके योगदान को कभी भी उचित सम्मान नहीं दिया।
उपाध्याय ने यह भी बताया कि सरदार पटेल की जयंती के उपलक्ष्य में पूरे उत्तर प्रदेश में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अब तक 314 विधानसभा क्षेत्रों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। शेष विधानसभा क्षेत्रों में भी 25 नवंबर तक सभी कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न कर लिए जाएंगे। इससे पूर्व, उपाध्याय ने प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह के साथ अभियान की प्रगति, प्रभाव और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन को लेकर प्रदेश टोली के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक भी की।
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