संसद में हंगामा जारी: Rahul Gandhi को बोलने से रोकने पर विपक्ष का वॉकआउट, PM मोदी आज देंगे जवाब
संसद के बजट सत्र में अमेरिका से डील और पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की अप्रकाशित किताब पर विपक्ष का हंगामा सातवें दिन भी जारी रहा। विपक्षी सांसद राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने से रोके जाने पर लगातार विरोध कर रहे हैं। लोकसभा शुरू होते ही सांसदों ने नारेबाजी की, जिसके बाद कार्यवाही 65 सेकंड के अंदर ही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। 12 बजे कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर 5 मिनट बाद ही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में भी राहुल गांधी को बोलने से रोकने का मुद्दा उठाया गया। संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे से कहा कि राहुल गांधी नियम नहीं मानते, आप उन्हें समझाते क्यों नहीं। इस पर सदन के नेता जेपी नड्डा ने खड़गे से कहा कि राज्यसभा में लोकसभा का मुद्दा नहीं उठा सकते। उन्होंने कांग्रेस को ‘अबोध बालक’ का बंधक न बनने देने की सलाह दी। हंगामे के बाद विपक्षी सांसद राज्यसभा से वॉकआउट कर गए।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मुद्दे पर कहा कि उन्हें विपक्ष के नेता को बोलने देना चाहिए। वे किस बात से डर रहे हैं? क्या वे इस बात से डर रहे हैं कि राहुल गांधी किसी किताब से कुछ कोट करेंगे? क्या वे इस बात से डर रहे हैं कि हम उन्हें जवाबदेह ठहराएंगे क्योंकि उन्होंने यह ट्रेड डील की है, जिसके तहत सभी किसानों की जिंदगी बर्बाद होने वाली है।
बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने ‘अबोध’ शब्द पर पलटवार करते हुए कहा कि ज्ञान की कोई सीमा नहीं होती और अज्ञान की कोई उम्र नहीं होती। उन्होंने कहा कि जिसे यह न पता हो कि फ्लोर ऑफ द हाउस के ऊपर सब्सटेंशियल एविडेंस मीडिया रिपोर्ट्स नहीं होती हैं, वह अबोध है। उन्होंने 1962 में जवाहरलाल नेहरू द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी को लिखे गए पत्र का जिक्र किया, जिसमें भारतीय वायुसेना की कमान अमेरिका को सौंपने की बात थी।
इस बीच, लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव प्रधानमंत्री के जवाब के बिना ही पास कर दिया गया। हंगामा कर रहे विपक्षी सांसदों ने लोकसभा में तख्तियां भी दिखाईं, जिस पर स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें चेतावनी दी।
