मानहानि मामले में राहुल गांधी सुल्तानपुर कोर्ट में पेश, आरोपों से किया इनकार: Rahul Gandhi news
कांग्रेस नेता राहुल गांधी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर की गई टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित MP/MLA कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कोर्ट में अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया और कहा कि यह मामला राजनीतिक दुर्भावना के तहत दर्ज कराया गया है, जिसमें कोई ठोस आधार नहीं है। राहुल गांधी की इस पेशी ने राष्ट्रीय राजनीति में एक बार फिर गर्माहट ला दी है, क्योंकि यह मामला एक प्रमुख विपक्षी नेता के कानूनी संघर्ष को दर्शाता है।
राहुल गांधी करीब 20 मिनट तक कोर्ट में रहे और कानून की धारा 313 के तहत अपना बयान दर्ज कराया। कोर्ट पहुंचने पर उन्होंने जज को हाथ जोड़कर प्रणाम किया और सुनवाई पूरी होने के बाद धन्यवाद भी कहा। उनके वकील ने बताया कि मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च 2026 को निर्धारित की गई है, जब शिकायतकर्ता और बचाव पक्ष दोनों अपनी दलीलें और सबूत पेश करेंगे।
यह मामला आठ साल पुराना है। आरोप है कि राहुल गांधी ने 2018 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान अमित शाह को लेकर कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने तब कहा था कि जो पार्टी ईमानदारी की बात करती है, उसका अध्यक्ष हत्या का आरोपी है। इस बयान के बाद सुल्तानपुर के भाजपा नेता विजय मिश्रा ने 4 अगस्त 2018 को राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। सुल्तानपुर कोर्ट ने 19 जनवरी को राहुल को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया था।
कोर्ट परिसर के बाहर भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और वकील मौजूद थे, जिन्होंने राहुल गांधी का स्वागत किया। भीड़ को देखते हुए सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें मुख्य गेट के बजाय दूसरे गेट से बाहर निकाला। कोर्ट से निकलने के बाद राहुल गांधी रामचेत मोची के परिवार से मिलने के लिए रवाना हो गए, जिनकी तीन महीने पहले कैंसर से मृत्यु हो गई थी। रामचेत वही मोची थे जिनकी दुकान पर राहुल ने एक साल पहले जूते सिले थे और बाद में उन्हें सिलाई मशीन भेजी थी।
