अलीगढ़ में अब मरीजों को मिलेगा ‘मलेरिया कार्ड’, प्रभावी होगा उपचार और निगरानी
अलीगढ़ में मलेरिया के उपचार और रोकथाम को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने ‘मलेरिया कार्ड’ नामक एक नई पहल शुरू की है। यह कार्ड उन सभी मरीजों को प्रदान किया जाएगा जिनमें मलेरिया की पुष्टि हो चुकी है। इस व्यवस्था का मुख्य लक्ष्य उपचार की पूर्णता सुनिश्चित करना और मरीजों की नियमित निगरानी करना है, जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य में सुधार हो सके।
मलेरिया कार्ड की उपयोगिता और निगरानी
इस ‘मलेरिया कार्ड’ पर मरीज का विस्तृत विवरण, उसकी जांच रिपोर्ट, दवा सेवन की निर्धारित अवधि और आशा कार्यकर्ता की प्रत्येक विजिट का रिकॉर्ड दर्ज किया जाएगा। आशा कार्यकर्ता को मलेरिया पीड़ित मरीज के घर अनिवार्य रूप से तीन बार जाना होगा। वे मरीज को दवा सेवन के बारे में जानकारी देंगी और प्रत्येक विजिट के बाद कार्ड पर अपने हस्ताक्षर करेंगी। इस पूरी प्रक्रिया से यह सुनिश्चित होगा कि मरीज ने अपना पूरा उपचार लिया है और आशा कार्यकर्ता ने अपनी निगरानी का कार्य निष्ठापूर्वक किया है। मलेरिया पीड़ित एक मरीज को 14 दिन तक नियमित दवा खिलाने पर आशा कार्यकर्ता को 200 रुपये का प्रोत्साहन भी दिया जाता है।
जागरूकता और बचाव के उपाय
हाल ही में, जिला मलेरिया अधिकारी ने अपनी टीम के साथ हरदुआगंज क्षेत्र का दौरा किया और फीवर डेस्क का निरीक्षण किया। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय रहसुपुर में स्टाफ और बच्चों को मलेरिया और डेंगू से बचाव के महत्वपूर्ण उपाय बताए। इस दौरान साफ-सफाई बनाए रखने, घरों के आसपास पानी जमा न होने देने, मच्छरदानी का उपयोग करने और समय पर जांच कराने पर विशेष जोर दिया गया। गांव में बुखार से पीड़ित लोगों की जांच भी की गई और ‘Malaria card’ की उपयोगिता तथा इसके माध्यम से मिलने वाली पारदर्शी निगरानी व्यवस्था के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों का मानना है कि यह पहल मलेरिया के मामलों में कमी लाने और उपचार की पूर्णता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
