यूपी सिपाही भर्ती में आयु सीमा पर बढ़ा दबाव, NDA विधायकों ने CM योगी से की छूट की मांग | UP Police Recruitment Age Limit
उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही भर्ती की आयु सीमा को लेकर राज्य सरकार पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों में व्याप्त रोष के बीच, अब सत्ताधारी भाजपा और उसके सहयोगी निषाद पार्टी के दो प्रमुख विधायक खुलकर उनके समर्थन में आ गए हैं। देवरिया सदर से भाजपा विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी और मेंहदावल से निषाद पार्टी के विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आयु सीमा में कम से कम तीन वर्ष की छूट देने की मांग की है। इस मांग से लाखों युवाओं के भविष्य पर सीधा असर पड़ेगा, जो इस भर्ती का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
विधायक अनिल कुमार त्रिपाठी ने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया है कि प्रदेश में पिछली सिपाही भर्ती 16 नवंबर 2018 को हुई थी, जबकि वर्तमान भर्ती की विज्ञप्ति दिसंबर 2025 में जारी हुई है। इस सात वर्ष के लंबे अंतराल के कारण लाखों युवा बिना एक भी परीक्षा दिए ही निर्धारित आयु सीमा (18 से 22 वर्ष) को पार कर चुके हैं। उन्होंने इसे ‘नैसर्गिक न्याय’ के विरुद्ध बताते हुए कहा कि यह युवाओं के साथ अन्याय है।
अनिल कुमार त्रिपाठी ने अपने पत्र में एक महत्वपूर्ण दावा भी किया है कि मुख्यमंत्री ने स्वयं 18 नवंबर 2025 को गोरखपुर और 15 दिसंबर 2025 को लखनऊ के जनता दरबार में अभ्यर्थियों से वादा किया था कि उन्हें आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट दी जाएगी। हालांकि, जारी हुई विज्ञप्ति में इस छूट का कोई प्रावधान नहीं किया गया है, जिससे युवाओं में भारी हताशा और निराशा है।
वहीं, देवरिया सदर विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है। उन्होंने लिखा है कि सामान्य वर्ग के लाखों युवा पूरी निष्ठा और कड़ी मेहनत के साथ इस UP Police Recruitment की तैयारी कर रहे थे, लेकिन केवल आयु सीमा के कारण वे इस अवसर से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इनमें से कई युवा आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आते हैं, जिनके परिवारों की आशाएं इस भर्ती से जुड़ी थीं। विधायकों की यह पहल सरकार पर आयु सीमा में छूट देने का दबाव बढ़ा रही है, ताकि योग्य और परिश्रमी युवाओं को चयन प्रक्रिया से बाहर होने से बचाया जा सके और उनके भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।
