लापता लोगों को ढूंढेगा पुलिस का यक्ष ऐप, अपनों से मिलाने में मददगार
उत्तर प्रदेश पुलिस अब ‘यक्ष’ नामक एक अत्याधुनिक ऐप के माध्यम से लापता लोगों की तलाश में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इस ऐप का उद्देश्य प्रदेश में गुम हुए व्यक्तियों को उनके परिवारों से पुनः मिलाना है।
यक्ष ऐप की कार्यप्रणाली
इस ऐप में प्रदेश भर से लापता होने वाले सभी व्यक्तियों का विस्तृत ब्योरा थानावार दर्ज किया जाएगा। यदि किसी भी थाने में किसी बच्चे, बुजुर्ग, महिला या मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति की गुमशुदगी दर्ज होती है, तो ऐप पर एक क्लिक करते ही उनका पूरा विवरण स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाएगा। इससे लावारिस मिले लोगों की पहचान करना और उन्हें उनके परिवार तक पहुंचाना कहीं अधिक सरल हो जाएगा। इसी प्रकार, यदि कहीं कोई लावारिस शव मिलता है और उसकी गुमशुदगी पहले से दर्ज है, तो भी उसका विवरण तुरंत सामने आ जाएगा।
मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पण और प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने हाल ही में पुलिस अधिकारियों के सम्मेलन ‘पुलिस मंथन’ के दौरान इस ‘यक्ष’ ऐप का लोकार्पण किया था। यह ऐप पुलिस के लिए लापता लोगों की तलाश में आने वाली परेशानियों को कम करेगा। पहले कई बार लावारिस मिले लोगों की पहचान इसलिए नहीं हो पाती थी क्योंकि उनकी गुमशुदगी की जानकारी संबंधित थाने तक नहीं पहुंच पाती थी। यह ऐप इस समस्या का समाधान करेगा।
प्रशिक्षण और आगे की रणनीति
इस ऐप के प्रभावी संचालन के लिए एसटीएफ मुख्यालय में पुलिस कर्मियों को लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। चिन्हित पुलिस कर्मियों को ट्रेनिंग दी जा रही है, जो बाद में अपने जिलों में जाकर अन्य पुलिसकर्मियों को इस ऐप पर डेटा भरने और इसके उपयोग की जानकारी देंगे। प्रशिक्षण का एक अहम हिस्सा यह भी है कि थानेदारों को ऐप में आने वाली जानकारियों से अपडेट रहना होगा और अपने क्षेत्र से संबंधित नए विवरणों की पूरी जानकारी रखनी होगी। डीजीपी राजीव कृष्ण इस प्रशिक्षण प्रक्रिया की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
