फुलवारी विधानसभा परिणाम: पटना की आरक्षित सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला, किसकी होगी जीत?
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे अब सबकी निगाहों का केंद्र बन गए हैं। पटना जिले में स्थित फुलवारी विधानसभा क्षेत्र, जो पाटलिपुत्र लोकसभा का हिस्सा भी है, अनुसूचित जाति (SC) के लिए आरक्षित एक महत्वपूर्ण सीट है। इस सीट पर इस बार कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है, जिसमें कई मजबूत दावेदार मैदान में हैं।
फुलवारी विधानसभा क्षेत्र की स्थापना वर्ष 1977 में हुई थी और तब से अब तक यहां कुल 12 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। इस बार सीपीआई(एमएल) से निवर्तमान विधायक गोपाल रविदास, एएपी से अरुण कुमार रजक और जेएसपी से शशिकांत प्रसाद के बीच तगड़े मुकाबले की उम्मीद है। इन उम्मीदवारों के अलावा, इस सीट पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के दिग्गज नेता श्याम रजक की वापसी ने भी राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।
फुलवारी सीट का राजनीतिक इतिहास काफी दिलचस्प रहा है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने यहां चार बार जीत हासिल की है, जबकि कांग्रेस ने तीन बार और जनता दल ने दो बार यह सीट जीती है। इसके अलावा, जनता पार्टी, जनता दल और भाकपा को भी एक-एक बार जीत का स्वाद चखने का मौका मिला है। इस सीट से सबसे ज्यादा बार विधायक बनने का रिकॉर्ड श्याम रजक के नाम है, जो छह बार विधानसभा पहुंच चुके हैं।
श्याम रजक ने तीन बार राजद के टिकट पर, दो बार जदयू के टिकट पर और एक बार जनता दल की ओर से जीत दर्ज की है। अब वह एक बार फिर राजद में लौट चुके हैं और इस बार इस सीट के लिए प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। पिछली बार, यानी 2020 के विधानसभा चुनाव में, सीपीआई(एमएल) के गोपाल रविदास ने यहां से जीत हासिल की थी।
यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या गोपाल रविदास अपनी जीत को बरकरार रख पाते हैं, या श्याम रजक एक बार फिर फुलवारी की जनता का विश्वास जीतने में सफल रहते हैं। वहीं, एएपी और जेएसपी के उम्मीदवार भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए पूरी ताकत झोंक रहे हैं। फुलवारी का चुनावी परिणाम बिहार की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संदेश देगा।
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