बुनियादी सुविधाओं की कमी से नाराज लोगों ने कॉलोनियों के बदले नाम, प्रशासन ने हटाए पोस्टर | agra news
उत्तर प्रदेश के आगरा में स्थानीय प्रशासन और जनता के बीच उस समय टकराव की स्थिति बन गई, जब लोगों ने बुनियादी सुविधाओं के अभाव के विरोध में अपनी कॉलोनियों के नाम ही बदल डाले। देवरेथा और आसपास के इलाकों में बदहाल सड़कों और जलभराव से परेशान नागरिकों ने अपनी बस्तियों के नाम ‘नरक पुरी’, ‘घिनौना नगर’ और ‘कीचड़ नगर’ जैसे तंज कसने वाले नामों से बोर्ड पर लिखवा दिए थे।
यह अनोखा विरोध प्रदर्शन स्वच्छ भारत सर्वेक्षण में आगरा को राज्य का छठा सबसे स्वच्छ शहर घोषित किए जाने के ठीक बाद सामने आया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कागजी रैंकिंग और धरातल की सच्चाई में जमीन-आसमान का फर्क है। इस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई खिलाड़ी भी निवास करते हैं, जिन्हें भी रोजमर्रा की परेशानियों से जूझना पड़ रहा है।
आगरा विकास प्राधिकरण की टीम ने मौके पर पहुंचकर इन सभी पोस्टरों को हटवा दिया और दोबारा ऐसा न करने की चेतावनी दी। इस दौरान अधिकारियों और जनता के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र के विकास के लिए निवासियों को विकास शुल्क जमा करना होगा, जबकि जनता पिछले 14 वर्षों से स्वीकृत सड़क और सीवर लाइन के अधूरे पड़े होने का हवाला देकर जनप्रतिनिधियों पर लगातार उपेक्षा का आरोप लगा रही है।
