खाड़ी देशों में कामगारों में दहशत, वतन वापसी को लेकर परिजन चिंतित
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर खाड़ी देशों में काम कर रहे भारतीय कामगारों पर दिखने लगा है। कतर और दुबई जैसे देशों में कई कंपनियों ने शुक्रवार से काम बंद कर दिया है, जिससे वहां रह रहे कामगार अपने ठिकानों पर ही सीमित हो गए हैं। इस स्थिति से लखनऊ में उनके परिवारजन बेहद चिंतित हैं। कुछ कामगारों से संपर्क हो पा रहा है, वहीं कुछ से संपर्क टूट गया है।
दुबई में पिछले कई सालों से मजदूरी कर रहे निगोहां क्षेत्र के युवकों ने फोन पर अपने परिजनों को बताया कि वहां काम पूरी तरह ठप हो गया है। एहतियात के तौर पर वे अपने कमरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं। निगोहां के मारूफ, फरीद, सद्दाम, सादाब, सलीम, कदीर और वहीद दुबई की एक फैक्ट्री में काम करते हैं, जबकि नईम कतर की एक फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं।
कामगारों की सुरक्षा पर चिंता
निगोहां में रह रहे कामगारों के परिजन अपने बेटों और रिश्तेदारों की सलामती को लेकर बेहद चिंतित हैं। परिवार वालों का कहना है कि यदि हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो वे अपने बच्चों को वापस बुलाने पर मजबूर होंगे। हालांकि, कामगारों का कहना है कि फिलहाल फ्लाइटें बंद होने के कारण वहां से लौटना संभव नहीं हो पा रहा है। स्थानीय लोगों ने सरकार से विदेशों में रह रहे क्षेत्र के कामगारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जरूरत पड़ने पर उनकी सकुशल वापसी की व्यवस्था करने की अपील की है। इस संकट का सीधा असर इन कामगारों के भविष्य और उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है।
