मस्क के बयान पर भड़के ओवैसी, कहा- कोई विदेशी भारत को नहीं दे सकता आदेश | india news
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के धुर विरोधी माने जाने वाले एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने देश की संप्रभुता के मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने साफ कहा है कि आंतरिक राजनीति और विरोध अपनी जगह है, लेकिन किसी भी बाहरी उद्योगपति को भारत के आंतरिक मामलों में दखل देने या देश को दिशा निर्देश देने का कोई अधिकार नहीं है।
यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब स्पेसएक्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एलन मस्क ने भारत में स्टारलिंक की एंट्री में देरी को लेकर सवाल उठाए और भारतीय उद्योग जगत पर निशाना साधा। मस्क के इन बयानों के बाद देश की राजनीति में भूचाल आ गया है। एक तरफ जहां सरकार ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि सुरक्षा जांच और विनियामक प्रक्रियाएं सभी कंपनियों के लिए एक समान हैं, वहीं विपक्षी नेताओं ने भी इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा और पूछा कि सरकार बाहरी ताकतों या विदेशी निवेशकों के सामने झुकती क्यों नजर आती है। उन्होंने दोहरे मापदंडों का जिक्र करते हुए अमेरिका की नीतियों पर भी सवाल खड़े किए। ओवैसी ने प्रधानमंत्री से अपील की कि वे स्पष्ट संदेश दें कि भारत अपने फैसले खुद लेने में पूरी तरह सक्षम है और यहां की नीतियां देशहित में तय होंगी, न कि किसी बाहरी कारोबारी के दबाव में।
इस पूरे घटनाक्रम से देश के कारोबारी माहौल और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ संबंधों को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। जानकारों का मानना है कि इस तरह के बयानों से वैश्विक स्तर पर भारतीय बाजार की पारदशितार् पर चर्चा तेज हो गई है, जिसका असर भविष्य की टेक नीतियों पर भी पड़ सकता है।
