‘वन नेशन वन इलेक्शन’ देश के हित में, JPC अध्यक्ष ने बताया क्यों है ये गेमचेंजर
नई दिल्ली में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ पर संयुक्त संसदीय समिति (जेडीपीसी) की तीन घंटे चली बैठक गुरुवार को समाप्त हुई। संयुक्त समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने कहा कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ का विचार देश के हित में है क्योंकि यह कई समस्याओं का समाधान करेगा, चाहे वह आर्थिक पहलू हो या शासन।
बैठक के बाद जेडीपीसी की अध्यक्ष पीपी चौधरी ने जोर देकर कहा कि समिति सब कुछ विचार करने के बाद अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करेगी। उन्होंने कहा, ‘भारत के विधि आयोग के अध्यक्ष समेत कई विशेषज्ञ आए और बैठक तीन घंटे तक चली। सभी सदस्यों ने स्पष्टीकरण मांगा और फिर सब कुछ पर विचार किया जाएगा और समिति अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करेगी।’
पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने जोर दिया कि यदि ओएनओई का विचार देश में लागू किया जाता है, तो यह एक गेमचेंजर साबित होगा। उन्होंने कहा, ‘ओएनओई पर उच्च स्तरीय समिति ने राष्ट्रपति को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। उस रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने दो विधेयक तैयार किए, जिन्हें 2024 में लोकसभा में प्रस्तुत किया गया और ये दोनों विधेयक वर्तमान में जेडीपीसी के पास हैं, जहां इनकी जांच की जा रही है। यदि ओएनओई का यह विचार देश में लागू किया जाता है, तो यह भारत के विकास के लिए एक गेमचेंजर साबित होगा।’
‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ विधेयक को दिसंबर 2024 में संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजा गया था। लोकसभा ने 12 अगस्त को ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव विधेयक’ पर संयुक्त संसदीय समिति की रिपोर्ट के कार्यकाल को बढ़ाने के लिए एक प्रस्ताव स्वीकार किया। यह विस्तार समिति को 2025 के शीतकालीन सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने में सक्षम बनाएगा।
