वर्ल्ड ओरल हेल्थ डे पर चिकित्सकों ने लोगों को किया जागरूक, जानें Happy Mouth is Happy Life का महत्व
विश्व मुख स्वास्थ्य दिवस के उपलक्ष्य में जिला संयुक्त चिकित्सालय में एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में चिकित्सकों ने लोगों को मुख स्वास्थ्य के महत्व और इससे जुड़े खतरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। डेंटल सर्जन डा. हरिवेंद्र सिंह ने सिगरेट, तंबाकू और गुटखा जैसे हानिकारक पदार्थों के सेवन से होने वाले गंभीर दुष्प्रभावों पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि इन आदतों से न केवल स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है, बल्कि यह देश के नागरिकों को मानसिक और आर्थिक रूप से भी कमजोर बनाती हैं। इस वर्ष की थीम ‘हैप्पी माउथ इज हैप्पी लाइफ’ का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि एक स्वस्थ मुख जीवन को बेहतर ढंग से जीने की कुंजी है।
पटियाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी मुख स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता अभियान चलाया गया। यहां उपस्थित लोगों को नियमित रूप से दिन में दो बार ब्रश करने, मीठे खाद्य पदार्थों का सेवन कम करने और समय-समय पर दंत जांच कराने की सलाह दी गई। दंत चिकित्सक डा. पल्लवी दास ने स्पष्ट किया कि मुख की सफाई केवल दांतों तक सीमित नहीं है, बल्कि जीभ और मसूड़ों की स्वच्छता भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने लापरवाही बरतने पर दांतों में कीड़ा लगना, मसूड़ों से खून आना और मुंह से दुर्गंध जैसी समस्याओं के उत्पन्न होने की चेतावनी दी। बच्चों में चॉकलेट और मीठी चीजों के अत्यधिक सेवन से दांतों को होने वाले नुकसान पर अभिभावकों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई। अंत में, तंबाकू और गुटखा के सेवन से मुंह के कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी के खतरे से बचने की सलाह दी गई।
