गीता जयंती पर छात्राओं ने जाना जीवन प्रबंधन का रहस्य, गीता को बताया सर्वश्रेष्ठ मार्गदर्शक
बीडी जैन गर्ल्स पीजी कॉलेज में गीता जयंती समारोह का आयोजन किया गया। छात्राओं ने विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से भारतीय ज्ञान-परंपरा के प्रति अपनी गहरी आस्था प्रकट की। संस्कृत विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में गीता से जीवन में आने वाले बदलावों को समझाया गया।
शुभारंभ प्राचार्य प्रो.वंदना अग्रवाल ने किया। इसके बाद छात्राओं ने श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों के सामूहिक पाठ से हुई। संस्कृत विभाग की छात्राओं ने गीत, श्लोक-पाठ, नाट्य प्रस्तुति तथा गीता के 18 अध्यायों पर आधारित संक्षिप्त भाषणों के द्वारा कर्मयोग, भक्ति योग एवं ज्ञानयोग के संदेश को प्रस्तुत किया। प्राचार्य प्रो.वंदना अग्रवाल ने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक-आध्यात्मिक आयोजन छात्राओं में नैतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं तथा भारतीय संस्कृति की समृद्ध विरासत से परिचय कराते हैं।
विभागाध्यक्ष प्रो.अनुपम शैरी ने गीता को जीवन प्रबंधन का सर्वोत्तम मार्गदर्शक बताते हुए आधुनिक युवा पीढ़ी के लिए इसके उपदेशों को अत्यंत प्रासंगिक एवं उपयोगी बताया। कार्यक्रम का संचालन प्रीति सिंह ने किया। कीर्ति, कजल, रेश्मा, सुरभि एवं कविता मौजूद रहीं।
