कंगना रनौत मामले में पुलिस रिपोर्ट पर आपत्ति, अगली सुनवाई 6 मार्च को तय
राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित कंगना रनौत मामले में शुक्रवार को अदालत में सुनवाई हुई, जहां वादी पक्ष ने पुलिस द्वारा पेश की गई रिपोर्ट पर गंभीर आपत्ति जताई। यह मामला हिमाचल प्रदेश के मंडी लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद कंगना रनौत के खिलाफ किसानों को लेकर कथित अपमानजनक टिप्पणी से जुड़ा है। विशेष मजिस्ट्रेट एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अगली बहस के लिए 6 मार्च की तारीख निर्धारित की है।
वादी पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि पुलिस ने अपनी पूर्ववत रिपोर्ट फिर से प्रस्तुत कर दी है, जिसमें विपक्षियों के बयान दर्ज नहीं किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कंगना की ओर से उनके अधिवक्ता द्वारा दिया गया बयान कानूनी रूप से स्वीकार्य नहीं है। पिछली सुनवाई 29 जनवरी को हुई थी, जब पुलिस ने अपनी रिपोर्ट दाखिल की थी। यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर किसानों से जुड़े एक संवेदनशील मुद्दे को उठाता है, और एक सांसद के बयानों की कानूनी वैधता पर सवाल खड़े करता है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह परिवाद 11 सितंबर 2024 को वरिष्ठ अधिवक्ता रमाशंकर शर्मा द्वारा दायर किया गया था। आरोप है कि कंगना रनौत ने 26 अगस्त 2024 को किसानों के बारे में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी की थी, जिससे किसानों और वादी की भावनाएं आहत हुईं। इस मामले ने तब से काफी सुर्खियां बटोरी हैं, क्योंकि यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सार्वजनिक हस्तियों की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन से संबंधित है।
