ओमान में मिसाइल हमले में मारे गए देवरिया के युवक का पार्थिव शरीर घर पहुंचा, नम आंखों से अंतिम संस्कार | deoria news
उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के युवाओं के लिए विदेश में रोजगार का सपना किस तरह मातम में बदल सकता है, इसकी एक बानगी हाल ही में देखने को मिली है। होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक मालवाहक जहाज पर हुए भीषण मिसाइल हमले में जान गंवाने वाले 23 वर्षीय सूरज यादव का पार्थिव शरीर आखिरकार 11 दिनों की लंबी प्रशासनिक जद्दोजहद के बाद उनके पैतृक आवास पहुंच गया। सूरज इस जहाज पर वाइपर के पद पर कार्यरत थे। इस हृदयविदारक घटना से न केवल उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, बल्कि पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
घर के दरवाजे पर जैसे ही सूरज का ताबूत पहुंचा, वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। बेटे के शव से लिपटकर मां पुष्पा देवी का विलाप देखकर वहां मौजूद भीड़ का कलेजा फट पड़ा। परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने और बेहतर भविष्य की उम्मीद में डेढ़ महीने पहले ही सूरज को ओमान भेजा गया था, लेकिन किसी को नहीं पता था कि वह इस तरह तिरंगे में लिपटकर वापस लौटेंगे। अंतिम दर्शन के लिए उमड़े सैलाब ने ‘भारत माता की जय’ और ‘जब तक सूरज-चांद रहेगा, सूरज तेरा नाम रहेगा’ के नारों के साथ अपने लाडले को अंतिम विदाई दी। पिता ओम प्रकाश यादव ने नम आंखों से बेटे को मुखाग्नि दी।
इस पूरी त्रासदी के बीच प्रशासनिक स्तर पर संवेदनहीनता का मामला भी सामने आया है। परिजनों ने दुख जताया कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी जिले का कोई प्रशासनिक अधिकारी उनके घर सांत्वना देने नहीं पहुंचा। हालांकि, अंतिम संस्कार में स्थानीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों का जमावड़ा जरूर देखने को मिला, जिन्होंने शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया। इस तरह की घटनाएं विदेशों में काम करने वाले प्रवासियों की सुरक्षा और उनके परिवारों के सामने आने वाले संकटों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं, जिसके लिए सरकार और दूतावास स्तर पर पुख्ता तंत्र की आवश्यकता है।
