त्योहारों के सीजन में महंगा हुआ हवाई सफर, विमान का टिकट खरीदना हुआ चुनौतीपूर्ण | aviation news
आगामी त्योहारी सीजन में हवाई सफर करने की योजना बना रहे यात्रियों को इस बार अपनी जेब ढीली करनी पड़ सकती है। देश के प्रमुख घरेलू मार्गों पर हवाई किराए में पिछले वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले 68 प्रतिशत तक की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस स्थिति से आम आदमी के यात्रा बजट पर सीधा असर पड़ रहा है, जिससे छुट्टियों में घर जाने या घूमने का प्लान महंगा हो गया है।
किराए में इस भारी उछाल के पीछे मुख्य तौर पर फेस्टिव सीजन की मजबूत मांग और सीमित उड़ान विकल्प जिम्मेदार हैं। आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के दौरान घरेलू उड़ानों की निर्धारित संख्या में पिछले साल के मुकाबले लगभग 5 प्रतिशत की कमी आई है। हालांकि एयरलाइंस ने बड़े विमानों का इस्तेमाल कर कुल सीट क्षमता को संतुलित करने की कोशिश की है, लेकिन चुनिंदा व्यस्त रूट्स पर यात्रियों को अपनी पसंद की तारीख और समय पर टिकट पाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
हवाई किराए बढ़ने का एक अन्य प्रमुख कारण विमान ईंधन यानी जेट फ्यूल (ATF) की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि है। विमानन कंपनियों के कुल परिचालन खर्च में ईंधन की हिस्सेदारी 30 से 40 प्रतिशत तक होती है, और पिछले कुछ महीनों में एटीएफ के दाम लगातार चढ़े हैं। इसके अलावा, देश की प्रमुख एयरलाइंस ने नई बुकिंग पर फ्यूल चार्ज भी बढ़ा दिया है, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों उड़ानों का कुल खर्च और अधिक बढ़ गया है।
यात्रा विशेषज्ञों का मानना है कि जिन रूट्स पर मांग सबसे अधिक है और उड़ानों के विकल्प सीमित हैं, वहां जैसे-जैसे यात्रा की तारीख नजदीक आएगी, किराए में 15 से 20 प्रतिशत तक की और बढ़ोतरी हो सकती है। केवल घरेलू उड़ानें ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के लिए भी यात्रियों को 30 से 50 प्रतिशत तक अधिक भुगतान करना पड़ रहा है, जबकि वियतनाम, थाईलैंड और इंडोनेशिया जैसे देशों के लिए भारतीय पर्यटकों में भारी क्रेज बना हुआ है।
