जेन जी के कम बात करने के पीछे की असली वजह आई सामने, सर्वे में हुआ बड़ा खुलासा | world news
आज की युवा पीढ़ी यानी Gen Z को अक्सर यह कहकर आंका जाता है कि वे फोन में व्यस्त रहते हैं और आमने-सामने बातचीत करने से बचते हैं। लेकिन हाल ही में हुए एक नए अध्ययन ने इस आम धारणा को पूरी तरह से पलट दिया है। यह साफ हो गया है कि युवा संवाद से भाग नहीं रहे, बल्कि उन्होंने बातचीत के पारंपरिक तरीकों को पीछे छोड़कर अपनी सुविधा के अनुसार नए रास्ते चुन लिए हैं।
प्रेप्ले द्वारा किए गए ग्लोबल स्मॉल टॉक सर्वे में अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के व्यस्कों को शामिल किया गया था। इस अध्ययन के आंकड़े बताते हैं कि 58 प्रतिशत जेन जी युवा रोजाना आमने-सामने छोटी-मोटी बातचीत करते हैं, जो कि पुरानी पीढ़ी के मुकाबले काफी अधिक है। इसके अलावा ऑनलाइन माध्यमों पर भी इनकी सक्रियता लगातार बनी हुई है, जो यह साबित करती है कि वे सामाजिक मेलजोल से दूर नहीं भाग रहे हैं। (world news)
हालांकि, इस बदलाव का सीधा असर हमारी सामाजिक आदतों और मानसिक प्राथमिकताओं पर पड़ रहा है, जहां लोग बिना किसी दबाव के अपनी शर्तों पर रिश्ते निभाना चाहते हैं। अब मौसम पर चर्चा करने के बजाय वीकेंड प्लान और खानपान जैसे विषयों को तरजीह दी जा रही है। आने वाले समय में यह बदलाव कॉर्पोरेट और व्यक्तिगत संवाद के तरीकों को पूरी तरह से नया आकार देने का काम करेगा।
