जंतर-मंतर पर आरक्षण-समर्थक प्रदर्शन की अनुमति रद्द, चंद्रशेखर आजाद का ऐलान देशव्यापी विरोध होगा | india politics news
आरक्षण के समर्थन में आवाज बुलंद कर रहे आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख और सांसद चंद्रशेखर आजाद को बड़ा झटका लगा है। प्रशासन की ओर से तय कार्यक्रम से ठीक दो दिन पहले जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन की अनुमति को रद्द कर दिया गया है। इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है और कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है (india politics news)।
चंद्रशेखर आजाद ने वीडियो जारी कर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उनका कहना है कि करीब बीस दिन पहले ही प्रशासन के पास आवेदन कर दिया गया था और लगातार सकारात्मक आश्वासन मिल रहे थे, लेकिन अंतिम समय में अनुमति वापस ले ली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में एक तरह से अघोषित हालात बने हुए हैं और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखना भी कठिन किया जा रहा है। जंतर-मंतर के साथ-साथ रामलीला मैदान में भी अनुमति नहीं मिलने से कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।
इस पूरे घटनाक्रम का ऐतिहासिक संदर्भ भी बेहद खास है। विरोध प्रदर्शन के लिए 24 सितंबर की तारीख इसलिए चुनी गई थी क्योंकि यह साल 1932 के ऐतिहासिक पूना पैक्ट की बरसी है। इस समझौते का दलित अधिकारों के इतिहास में गहरा महत्व रहा है। अनुमति खारिज होने के बावजूद आयोजकों ने अपने कदम पीछे नहीं खींचे हैं। पार्टी ने अब स्पष्ट कर दिया है कि राजधानी में रोक लगने के बाद अब देशभर के जिला मुख्यालयों पर बड़े स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे और सरकार तक अपनी बात पहुंचाई जाएगी।
