दिल्ली के शालीमार बाग में मदीना मस्जिद पर चला बुलडोजर, AIMIM नेता का विरोध | delhi news
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र में उस समय भारी तनाव फैल गया जब प्रशासन ने देर रात बुलडोजर कार्रवाई को अंजाम दिया। यह कार्रवाई मैक्स हॉस्पिटल रोड को चौड़ा करने के चल रहे प्रोजेक्ट के तहत की गई, जिसकी चपेट में स्थानीय मदीना मस्जिद और कुछ रिहायशी हिस्से भी आए [delhi news]। आधी रात को अचानक भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का यह अभियान शुरू किया, जिससे स्थानीय लोगों में अफरातफरी मच गई।
इस डिमोलिशन ड्राइव की खबर मिलते ही ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष शोएब जमाई मौके पर पहुंच गए और उन्होंने इस कार्रवाई को पूरी तरह से असंवैधानिक करार दिया। विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि आधी रात को चुपचाप मस्जिद गिराना गलत है और शालीमार बाग को किसी भी कीमत पर विवादित नहीं बनने दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि कार्रवाई से पहले मस्जिद के इमाम और प्रबंधन को जरूरी सामान या धार्मिक ग्रंथ बाहर निकालने तक का मौका नहीं दिया गया।
दूसरी ओर, मस्जिद समिति से जुड़े लोगों का कहना है कि उन्होंने कानूनी प्रक्रिया के तहत अपील की थी और कोर्ट में दस्तावेज भी पेश किए थे, लेकिन उचित सुनवाई का मौका दिए बिना ही नगर निगम ने यह सख्त कदम उठा लिया। इस कार्रवाई के बाद से इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। इस तरह की प्रशासनिक कार्रवाइयों का असर सीधे तौर पर आम जनजीवन पर पड़ता है, जिससे शहर के सामाजिक ताने-बाने और आपसी सौहार्द पर भी असर पड़ने की आशंका बनी रहती है [delhi news]।
