आजमगढ़ में 8 घंटे के बंधक संकट और एनकाउंटर की पूरी कहानी | up crime news
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक खूनी संघर्ष और लगभग आठ घंटे तक चले बंधक संकट के बाद पुलिस ने आरोपी को मार गिराया। इस वीभत्स घटना की शुरुआत एक धार्मिक अनुष्ठान के दौरान उपजे मामूली विवाद से हुई थी, जो देखते ही देखते खूनी तांडव में बदल गया। आरोपी ने अपनी पत्नी, दो पुजारियों और अपने ही दस साल के बेटे की गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना से पूरे राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं [up crime news]।
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी ने अपने तीन मासूम बच्चों को घर के अंदर बंधक बना लिया और उसके पास लाइसेंसी रिवॉल्वर थी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और उच्च अधिकारी मौके पर पहुंच गए। करीब सात घंटे तक लगातार मान-मनौव्वल का दौर चला ताकि बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके, लेकिन आरोपी टस से मस नहीं हुआ। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब घर के अंदर से अचानक फायरिंग की आवाज सुनाई दी, जिससे साफ हो गया कि बच्चों की जान खतरे में है।
बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए पुलिस ने तुरंत सामरिक कदम उठाया और घर में प्रवेश के लिए स्टन ग्रेनेड तथा टियर गैस का इस्तेमाल किया गया। दरवाजा तोड़कर अंदर घुसी पुलिस टीम पर आरोपी ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मौके से तीनों बच्चों को सकुशल बाहर निकाला, जो इस लंबे तनाव के कारण गहरे सदमे में थे। इस प्रकार की घटनाएं समाज में बढ़ती मानसिक अशांति और घरेलू हिंसा के खतरनाक रूप को दर्शाती हैं।
