फ्रांस में गहराया भीषण ईंधन संकट, हर नौ में से एक पेट्रोल पंप पर तेल खत्म | world news
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और प्रमुख समुद्री मार्गों में आ रही बाधाओं का असर अब यूरोपीय देशों की अर्थव्यस्था पर साफ दिखने लगा है। फ्रांस में ईंधन की आपूर्ति चरमरा जाने से आम जनता की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं और देश के हर नौवें पेट्रोल पंप पर सन्नाटा पसरा हुआ है [world news]।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश भर में करीब 11 प्रतिशत पेट्रोल पंप ऐसे हैं जो किसी न किसी रूप में ईंधन की कमी से जूझ रहे हैं। कुछ क्षेत्रीय इलाकों में यह स्थिति और भी भयावह है, जहाँ ग्रांड एस्ट क्षेत्र में 16 प्रतिशत तक फ्यूल स्टेशन खाली हो चुके हैं। इस भारी किल्लत के बीच डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं और राष्ट्रीय औसत 2.39 यूरो प्रति लीटर के पार निकल गया है। कई स्थानों पर तो प्रीमियम डीजल 2.70 यूरो प्रति लीटर तक बिक रहा है, जिससे महंगाई का बोझ सीधे आम नागरिकों की जेब पर पड़ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों और यूरोपीय डीजल के दाम 200 डॉलर प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर चुके हैं। इस आपूर्ति संकट से निपटने के लिए राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने मोर्चा संभालते हुए जी-7 देशों से आपातकालीन तेल भंडार खोलने की अपील की है। यदि वैश्विक स्तर पर जल्द ही आपूर्ति बहाल नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में औद्योगिक उत्पादन और परिवहन पर इसका व्यापक नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
