दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के बाद विजय जुलूस पर हाईकोर्ट की रोक | india politics news
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ यानी DUSU चुनावों के परिणाम आने के बाद निकलने वाले जश्न और विजय जुलूस को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव नतीजे घोषित होने के बाद अब कैंपस के भीतर, हॉस्टलों में या फिर दिल्ली की सड़कों पर किसी भी तरह का विजय जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी। सार्वजनिक स्थानों पर जश्न मनाने और शक्ति प्रदर्शन पर रोक लगाने के इस कदम से आम जनता और छात्रों को होने वाली परेशानियों से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है [india politics news]।
मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने सुनवाई के दौरान छात्र राजनीति में लगातार बढ़ रहे अनुशासनहीन और अराजक व्यवहार पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने इस बात का संज्ञान लिया कि चुनाव प्रचार या जीत के जश्न के नाम पर दर्जनों गाड़ियों का काफिला निकालना, बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाना और सड़कों पर खतरनाक स्टंट करना आम नागरिकों के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। पिछली बार चुनाव परिणाम के तुरंत बाद एक शिक्षक के साथ मारपीट की घटना का हवाला देते हुए कोर्ट ने कहा कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पहले से ही सख्त कदम उठाना अनिवार्य हो गया है।
इस मामले में अदालत ने केवल मौखिक चेतावनी तक सीमित न रहते हुए ABVP, NSUI और AISA सहित तमाम प्रमुख छात्र संगठनों और चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने उनसे जवाब तलब किया है कि आचार संहिता के गंभीर उल्लंघन और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के एवज में उन पर भारी जुर्माना क्यों न लगाया जाए। इसके साथ ही दिल्ली पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन को भी यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ बिना किसी ढिलाई के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
