अमेरिका के सामने ईरान ने रखीं बातचीत की सात शर्तें, चेतावनी दी कि नहीं मानने पर होगी निर्णायक जंग | world news
मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच कतर की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक हल तलाशने की कोशिशें तेज हो गई हैं। तेहरान ने अमेरिका के सामने सात सूत्रीय मांगें रखी हैं, जिनका उद्देश्य मौजूदा संघर्ष को समाप्त करना है। इस घटनाक्रम का सीधा असर वैश्विक शांति और अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है, जिससे दुनिया भर के देशों की नजरें इस पर टिकी हुई हैं [world news]।
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसिन रेज़ाई के अनुसार, ये शर्तें कतर के अधिकारियों के जरिए अमेरिका तक पहुंचा दी गई हैं। मुख्य मांगों में सभी मोर्चों पर तत्काल सैन्य कार्रवाई रोकना, विदेशी बैंकों में फ्रीज किए गए ईरानी फंड को मुक्त कराना और देश पर लगी समुद्री नाकेबंदी को पूरी तरह हटाना शामिल है। तेहरान का स्पष्ट कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को धमकियों की नीति छोड़कर इन व्यावहारिक प्रस्तावों पर विचार करना चाहिए।
रेज़ाई ने यह भी दावा किया है कि ईरान ने अपनी सैन्य रणनीति में बदलाव करते हुए किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने की पूरी तैयारी कर ली है। हाल ही में अमेरिकी सैन्य पोतों के करीब एंटी-शिप मिसाइल का परीक्षण इसी तैयारी का हिस्सा बताया गया है। यदि अमेरिका इन शर्तों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाता है, तो आने वाले दिनों में संघर्ष और अधिक भयानक रूप ले सकता है, जिससे क्षेत्रीय स्थिरता खतरे में पड़ सकती है।
