ग्रीन गैस उपभोक्ताओं का डेटा हुआ लीक, साइबर ठगों ने बनाया निशाना | agra news
आगरा शहर में ग्रीन गैस लिमिटेड के उपभोक्ताओं की निजी जानकारी लीक होने का एक बड़ा मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों के पास लगभग 75 हजार सक्रिय उपभोक्ताओं का डेटा पहुंच चुका है, जिसके जरिए वे लगातार लोगों को अपनी ठगी का शिकार बना रहे हैं। यह स्थिति आम नागरिकों के साथ-साथ पुलिस महकमे के लिए भी बड़ी चिंता का विषय बन गई है [agra news]।
हाल ही में पुलिस लाइन परिसर में रहने वाले एक पुलिसकर्मी को उसका सीआरएन नंबर अपडेट करने के बहाने एक एपीके फाइल भेजी गई थी। जैसे ही उसने उस फाइल को डाउनलोड किया, उसका मोबाइल फोन हैक हो गया और बैंक खाते से डेढ़ लाख रुपये से अधिक की रकम गायब हो गई। इसी तरह के कई मामले शहर के विभिन्न इलाकों से सामने आ रहे हैं, जहां अपराधियों ने कारोबारियों और बुजुर्गों को भी निशाना बनाया है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, ठग अब तक 50 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी को अंजाम दे चुके हैं।
साइबर क्राइम सेल इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि आखिर ग्रीन गैस उपभोक्ताओं का यह पूरा डेटा अपराधियों तक कैसे पहुंचा। इस प्रकार के लगातार हो रहे साइबर अपराधों से आम जनता में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है, जिससे लोग अपनी डिजिटल और वित्तीय सुरक्षा को लेकर डरे हुए हैं। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि व्हाट्सएप या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आने वाली किसी भी अनजान एपीके फाइल को डाउनलोड न किया जाए, भले ही वह किसी परिचित के नंबर से ही क्यों न भेजी गई हो। अधिकारियों का कहना है कि डेटा लीक के मूल स्रोतों का जल्द ही पर्दाफाश कर लिया जाएगा।
