कानपुर देहात में दो बच्चों ने चंदे के पैसों से बनाई गणेश प्रतिमा, अनूठी पहल से सजा भिटार मोहल्ला | kanpur news
गणेश उत्सव के पावन अवसर पर बाजारों में सजी भव्य और महंगी मूर्तियों के बीच एक छोटी सी बस्ती की यह कहानी सबका मन मोह रही है। कानपुर देहात के रनियां नगर पंचायत के भिटार मोहल्ले में दो किशोर बच्चों ने अपनी कला और मेहनत से जो कर दिखाया, उसने बड़ों-बड़ों को हैरान कर दिया है। (kanpur news)
बच्चों की इस अनूठी पहल की शुरुआत तब हुई जब 12 वर्षीय अमोघ और 14 वर्षीय संकल्प ने बाजार से मूर्ति खरीदने के बजाय खुद भगवान गणेश की प्रतिमा बनाने का फैसला किया। इसके लिए दोनों ने मोहल्ले के लोगों से संपर्क कर चंदा जुटाना शुरू किया। किसी ने दस रुपये दिए तो किसी ने सौ या दो सौ रुपये का योगदान दिया। इस तरह जुटाई गई छोटी-छोटी धनराशि से मिट्टी, कागज और रंग खरीदे गए। इसके बाद दोनों ने अपनी कल्पना और हुनर को जोड़ते हुए महज एक दिन में गणेश जी की बेहद आकर्षक प्रतिमा तैयार कर डाली।
इस रचनात्मक कार्य में स्थानीय निवासी काजल त्रिपाठी ने भी बच्चों का मार्गदर्शन किया और उनका हौसला बढ़ाया। मूर्ति पूरी तरह तैयार होने के बाद उसे मोहल्ले में विधि-विधान के साथ स्थापित किया गया। बच्चों के इस प्रयास ने न केवल स्थानीय स्तर पर आपसी मेलजोल और सामुदायिक भावना को मजबूत किया है, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि आस्था और हुनर के आगे उम्र कभी बाधा नहीं बनती। अब यह स्व-निर्मित प्रतिमा आसपास के क्षेत्र में लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
