पत्नी बनी डोनर: पति को गुर्दा दान कर मीना ने बचाई जान, मिसाल पेश की
एसएन मेडिकल कॉलेज, आगरा में एक असाधारण घटनाक्रम में, पत्नी मीना ने अपने पति महेंद्र को गुर्दा दान कर न केवल उनकी जान बचाई, बल्कि वैवाहिक जीवन में अटूट साथ का एक अनूठा उदाहरण पेश किया है। यह एसएन मेडिकल कॉलेज में पहला सफल गुर्दा प्रत्यारोपण था, जिसने कई लोगों को प्रेरित किया है।
पति के लिए मिसाल बनी पत्नी
हाथरस के सिकंदराराऊ निवासी 32 वर्षीय महेंद्र पिछले दो वर्षों से गुर्दा रोग से पीड़ित थे और नियमित डायलिसिस पर थे। जब डॉक्टरों ने गुर्दा प्रत्यारोपण का सुझाव दिया, तो उनकी 30 वर्षीय पत्नी मीना ने बिना किसी हिचकिचाहट के दान करने का फैसला किया। हालांकि, मीना के इस फैसले का उनकी मां ने विरोध किया, जिन्होंने बेटी और अन्य बच्चों के भविष्य की चिंता जताई थी। लेकिन मीना अपने फैसले पर अडिग रहीं और डॉक्टरों की काउंसलिंग के बाद परिवार भी मान गया।
असाध्य रोग निधि से मिला सहारा
मीना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की असाध्य रोग निधि का आभार व्यक्त किया, जिसके तहत यह प्रत्यारोपण निश्शुल्क संभव हो सका। उन्होंने एसएन के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता और पूरी डॉक्टर्स की टीम को भी धन्यवाद दिया। प्रत्यारोपण के बाद, मीना और महेंद्र दोनों स्वस्थ हैं और अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। मीना ने वाट्सएप कॉल पर अपने पति से बात की और दोनों भावुक हो गए। यह घटना उन लोगों के लिए एक सीख है जो वैवाहिक जीवन की जिम्मेदारियों से कतराते हैं।
